रुड़की। बीटी गंज में चल रहे 106वें भव्य रामलीला महोत्सव के आठवें दिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। मंचन में अगस्त ऋषि प्रसंग, पंचवटी निर्माण, शूर्पनखा अंग-भंग, खरदूषण वध और सीता हरण जैसे प्रसंगों ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम, भाई लक्ष्मण और माता सीता सबसे पहले अगस्त ऋषि के आश्रम पहुँचते हैं। अगस्त ऋषि उनका मार्गदर्शन कर पंचवटी में निवास करने की प्रेरणा देते हैं। इसके बाद राम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी पहुँचकर कुटिया बनाते हैं और चौदहवें वर्ष में वहाँ ठहर जाते हैं।
मंचन में शूर्पनखा प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शूर्पनखा श्रीराम के रूप पर मोहित होकर विवाह का प्रस्ताव रखती है, लेकिन लक्ष्मण द्वारा उसका नासिका भंग कर दिया जाता है। आहत शूर्पनखा अपने भाई खरदूषण के पास जाती है। इसके बाद भगवान राम खरदूषण का वध कर देते हैं।
इसके उपरांत सीता हरण का मंचन हुआ, जिसमें रावण और सीता के बीच मानिक संवाद और फिर हरण की घटना ने दर्शकों को भावुक कर दिया। जटायू द्वारा रावण को रोकने का प्रयास और दोनों के बीच हुआ युद्ध भी अद्भुत ढंग से प्रस्तुत किया गया। रावण द्वारा जटायू के पंख काटने का दृश्य भक्तों की आँखें नम कर गया।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और एसपी देहात चंद्रशेखर सुयाल ने बतौर अतिथि शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी धीर सिंह, सुशील त्यागी, पवन तोमर, सौरभ सिंघल, मनोज अग्रवाल, शशिकांत अग्रवाल, विशाल गुप्ता, नवनीत गर्ग और प्रदीप परूथी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समिति की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।