कोलकाता। दुर्गापूजा शुरू होने में सिर्फ पांच दिन बचे हैं, लेकिन उससे पहले ही कोलकाता का हाल बेहाल हो गया है। सोमवार देर रात से लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई प्रमुख इलाके जलजमाव से पूरी तरह डूब गए। कसबा, वीआईपी बाजार, काकुरगाछी और न्यूटाउन जैसे क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया, वहीं सॉल्टलेक और शहर के निचले इलाकों में तो घरों के अंदर तक पानी घुस गया।
बारिश का असर यातायात पर भी दिखाई दिया। सियालदह दक्षिण शाखा की पटरियों पर पानी भरने से ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। अन्य शाखाओं पर भी रेल सेवाएं बाधित हुईं। दफ्तर और काम पर जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह-सुबह लोगों को घुटनों तक पानी लांघकर सड़क पार करनी पड़ी।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार रात 10:30 बजे से मंगलवार सुबह 5 बजे तक अलीपुर में 247.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं पिछले 24 घंटों में मानिकतला में 169 मिमी, तोपसिया में 275 मिमी, उल्टाडांगा में 207 मिमी, चिंगड़ीघाटा में 237 मिमी, बालीगंज में 264 मिमी, कालीघाट में 280.2 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी और कदमहल्ली क्षेत्र में 332 मिमी बारिश हुई।
बारिश का सबसे बड़ा असर दुर्गापूजा की तैयारियों पर पड़ा है। कई जगहों पर पंडाल सजाने का काम अधूरा रह गया। कहीं सजावट का सामान बह गया तो कहीं अधूरे स्टॉल गिर पड़े। आयोजकों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में इस तरह की बाधा पहली बार सामने आई है। पूजा पंडालों के निर्माण में जुटे कारीगर और समितियां अब मौसम की मार से बेहद चिंतित हैं।
लगातार हो रही बारिश से कोलकाता के लोगों में चिंता बढ़ गई है। त्योहार से पहले अगर हालात नहीं सुधरे तो इस बार दुर्गापूजा की रौनक फीकी पड़ सकती है। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन मौसम विभाग ने अभी और बारिश की चेतावनी दी है।