गुवाहाटी में शोक की लहर: जुबीन गर्ग के अंतिम सफर में हजारों प्रशंसक जुटे

असम के दिग्गज गायक और संगीतकार जुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर रविवार को गुवाहाटी पहुंचा। उनके पैतृक आवास कहलीपारा में अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े। गुवाहाटी की सड़कों पर हजारों प्रशंसक बैनर, फूल और आंखों में आंसू लिए खड़े थे। अपने प्रिय कलाकार को अंतिम विदाई देने का यह क्षण पूरे असम के लिए भावुक और गमगीन रहा।

जुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर बीती रात सिंगापुर से दिल्ली लाया गया था। दिल्ली हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद रविवार सुबह शव को विशेष विमान से गुवाहाटी लाया गया। गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों, प्रशंसकों और सांस्कृतिक हस्तियों ने फूल चढ़ाकर अंतिम सम्मान दिया।

इसके बाद फूलों से सजे वाहन में जुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर कहलीपारा स्थित आवास की ओर रवाना हुआ। मार्ग में सड़क किनारे हजारों की भीड़ ‘जुबीन दा अमर रहो’ जैसे नारे लगाते दिखी। प्रशासन ने भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की थी। यातायात को सुचारू रखने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए और विशेष लेन बनाई गई।

कहलीपारा स्थित निवास पर पहुंचने के बाद गायक के पार्थिव शरीर को लगभग एक घंटे तक रखा गया, ताकि परिवार और नजदीकी लोग श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। इस दौरान जुबीन गर्ग के पिता, जो लंबे समय से बीमार हैं, ने भी अपने बेटे को अंतिम प्रणाम किया।

इसके बाद पार्थिव शरीर को जनता के दर्शनार्थ सरुसजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुआ खेल परिसर ले जाया गया, जहां हजारों प्रशंसक जुटे। राज्य सरकार ने गायक के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। असम ही नहीं, पूरे उत्तर-पूर्व भारत में जुबीन गर्ग की लोकप्रियता ऐसी थी कि उनके गीत लोगों की आत्मा में रचे-बसे हैं। उनके अंतिम सफर ने यह साबित कर दिया कि वह केवल एक गायक नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक धड़कन थे।

 

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