देहरादून। दून विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से शुक्रवार को “ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सिक्योरिटी और इन्वेस्टमेंट प्लानिंग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा उपायों और सुरक्षित निवेश की तकनीकों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल युग में ऑनलाइन लेन-देन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, ऐसे में उसकी सुरक्षा और समझदारीपूर्ण निवेश योजना हर नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को न केवल अपने जीवन में अपनाएँ बल्कि परिवार और सहयोगियों के साथ भी साझा करें।
कुलसचिव श्री दुर्गेश डिमरी ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ शिक्षकों और कर्मचारियों को उपयोगी जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी प्रदान करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को सीख को अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में लागू करने का आह्वान किया।
एचडीएफसी बैंक से शाखा प्रबंधक श्री विमल भंडारी, श्री नवीन तिवारी, श्री रोहित शर्मा और श्री वरुण ने बैंक की विभिन्न योजनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने जमा खाता, ऋण सुविधा, हाउस लोन, वाहन लोन, बीमा और म्यूचुअल फंड योजनाओं के साथ-साथ ऑनलाइन लेन-देन की सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि कुछ सरल सावधानियों से व्यक्ति अपने डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित रखते हुए बेहतर वित्तीय भविष्य की योजना बना सकता है।
आईक्यूएसी के संयोजक प्रो. एच.सी. पुरोहित ने कार्यशाला को समयानुकूल बताते हुए कहा कि यह वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने में अहम है। उन्होंने एचडीएफसी बैंक के विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया और कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम में प्रो. आर. पी. ममगाईं, डॉ. हर्ष डोभाल, डॉ. हिमानी शर्मा, डॉ. चारु द्विवेदी, डॉ. आशा राम गैरोला, डॉ. सरिता, डॉ. कोमल, श्री रोहित जोशी, डॉ. अंकित नागर, डॉ. शिवानी, डॉ. खुशबु सिंह, शिल्पी तिवारी, माधव नंद चमोली, संदीप रावत, श्री हिमांशु सहित विभिन्न संकायों के शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।