देहरादून। वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन का दूसरा चरण आज से उत्तराखंड में शुरू हो गया। इसके तहत प्रदेश कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ कांग्रेस मुख्यालय से किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ की।
मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के बाद श्री धस्माना ने पार्टी सभागार में लगे “वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान” बैनर पर हस्ताक्षर किए और अभियान के लिए छपे फार्म पर हस्ताक्षर कर इसकी औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद वरिष्ठ पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी हस्ताक्षर किए।
मीडिया को संबोधित करते हुए धस्माना ने कहा कि बीते 7 अगस्त को कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटों के जरिए हारी हुई सीट जीत ली। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इस खुलासे के बाद पूरे देश की जनता जान चुकी है कि भाजपा लंबे समय से चुनाव आयोग की मदद से वोट चोरी कर सत्ता हासिल करती रही है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने देशव्यापी स्तर पर “वोट चोर गद्दी छोड़” रैलियां आयोजित कीं, जिनमें जनसैलाब उमड़ा। अब एक महीने के इस हस्ताक्षर अभियान के दौरान देशभर से 5 करोड़ नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र कर भारत निर्वाचन आयोग को सौंपे जाएंगे। उत्तराखंड की 70 विधानसभाओं से कम से कम 5 लाख नागरिकों से हस्ताक्षर करवाकर इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सौंपा जाएगा।
इस अवसर पर धस्माना के साथ महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान, श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, सोशल मीडिया अध्यक्ष विकास नेगी, कार्यकारी अध्यक्ष विशाल मौर्य, मनीष नागपाल, राजेंद्र शाह, डॉ. प्रतिमा सिंह, किशोर उनियाल, मंजू त्रिपाठी, सावित्री थापा, सुशीला देसाई, इंदु सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।