हरिद्वार अर्ध कुंभ का पेच चुनाव तिथियों के आड़े आ रहा
राज्य निर्वाचन और उत्तराखंड पुलिस ने भेजी केंद्र को गोपनीय रिपोर्ट

–ममता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नियम अनुसार फरवरी 2027 में होना तय है लेकिन उस दौरान ही हरिद्वार में अर्ध कुंभ होने हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव भी उसी दौरान होंगे। लेकिन इस बार अर्ध कुंभ का पेच चुनाव तिथियों के आड़े आ रहा है। इन तिथियों को टालना धार्मिक दृष्टि से भी कतई संभव नहीं है। ऐसे में, यदि तिथि में परिवर्तन संभव है तो वह एकमात्र चुनाव का ही। और इसकी पूरी संभावना बनती दिख रही है कि चुनाव कुंभ के पहले होंगे। यानी चुनाव फरवरी 2027 के बजाय अक्टूबर-नवम्बर 2026 में ही होने के आसार दिख रहे हैं। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और उत्तराखंड पुलिस ने भी कसरत शुरू कर दी है। इस बीच बीते दिनों उत्तराखंड के भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में ही आगामी विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में अब उत्तराखंड सरकार भी अर्धकुंभ की तैयारियों में जुट गई है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर भव्य आयोजन की तैयारियों के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की निर्धारित तिथि फरवरी 2027 में है। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा। क्योंकि फरवरी में चुनाव कराने के लिए सरकार को नवम्बर-दिसम्बर 2026 तथा जनवरी 2027, कम से कम तीन महीने का समय तो चाहिए ही। तभी चुनाव आयोग उत्तराखंड में चुनाव कराने की स्थिति में रहेगा। वैसे आपको बताते चलें कि पिछला विधानसभा चुनाव 14 फरवरी 2022 को संपन्न हुआ था और परिणाम 10 मार्च को आ गए थे। उसके बाद पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में भाजपा ने सरकार का गठन किया। यहां इस बात का जिक्र करना आवश्यक है कि एक करोड़ 25 लाख की आबादी वाले इस छोटे से प्रदेश में 83,71,700 वोटर हैं। जैसा कि संभावना दिखाई पड़ रही है कि 70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव वर्ष 2026 में अक्टूबर-नवम्बर में हो सकते हैं। क्योंकि दिसंबर में ठंड का प्रकोप काफी ज्यादा रहेगा। साथ ही, कई जनपदों में बर्फ जमी रहने के कारण मतदान कराने में दिक्कत रहेगी।
वहीं, 2027 में हरिद्वार का महाकुंभ 6 मार्च से शुरू होगा और 14 अप्रैल तक चलेगा। जबकि कायदे से उत्तराखंड विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 में संपन्न हो जाना चाहिए, ताकि 15 मार्च के इर्द-गिर्द नयी सरकार सत्ता संभाल ले। लेकिन इस बार परिस्थितियां चुनाव के अनुकूल नहीं दिख रही हैं। इसलिए माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 के बजाय अक्टूबर-नवम्बर 2026 में ही निर्वाचन आयोग कराने की हरी झंडी प्रदान करेगा।
यदि भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो राज्य निर्वाचन आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना भेज दी है। इसके अलावा उत्तराखंड पुलिस की ओर से भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को बीते माह ही गोपनीय रिपोर्ट भेज दी गई है। क्योंकि निर्धारित समय में चुनाव कराने पर उत्तराखंड को चुनावी ड्यूटी के लिए न ही पुलिस बल और न ही अधिकारी उपलब्ध हो पाएंगे। इसके इतर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का यह बयान भी माइने रखता है जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में ही विधानसभा चुनाव होंगे।
राजनीतिक विश्लेषक भी महेंद्र भट्ट के उक्त बयान को चुनाव पहले होने की संभावना से जोड़ कर देख रहे हैं। क्योंकि यदि 2027 में होने हैं तो वे अभी से इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं। यानी अपने बयान के जरिए महेंद्र भट्ट ने यह संकेत दे दिए हैं कि कार्यकर्ता और पार्टी के नेता आगामी विधानसभा की तैयारी में जुट जाएं।