एलिवेटेड रोड परियोजना को तुरंत रद्द एवं बस्ती के लोगों को मालिकाना हक देने की मांग उठी

देहरादून । हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही जनसुनवाई के दौरान प्रभावितों ने जनसुनवाई कर रहे एलिवेटेड रोड भूमिअधिग्रहण के अध्यक्ष एवं उपजिलाधिकारी (सदर)श्री हरिगिरी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के समक्ष बात रखते हुये कहा एलिवेटेड रोड़ बनाने के बजाय शहर की सड़कों का रखरखाव करें तथा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठीक की जाऐ ।

बस्तीवासियों ने कहा कि एलिवेटेड रोड़ नाप में बड़े एव प्रभावशाली लोगों को छोड़कर केवल गरीबों को ही टारगेट किया गया है तथा प्रशासन केवल 2600 सौ प्रभावित कह रहा तथा बड़ी संख्या में परिवारों को सर्वे सूची से वंचित रखा गया है ।
बस्तीवासियों की ओर से लगभग 300 से भी अधिक आपत्तियां दर्ज की बिन्दु निम्नलिखित हैं;-

1. एक नागरिक होने के नाते हम एलिवेटेड रोड परियोजना हेतु हुए भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में गंभीर शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं।

2. एलिवेटेड रोड परियोजना से आम आदमी को कोई लाभ नहीं है ।

3. इस परियोजना के नाम पर हज़ारों पेड़ों को काटा जा रहा है जिससे देहरादून के पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है । प्रदूषण बढ़ने से आँक्सिजन घट रहा है जिससे लोगों का स्वास्थ प्रभावित हो रहा है।

4. इस परियोजना के तहत सभी स्थानों में जहॉ – जहॉ पेड़ काटे जा रहे हैं वहॉ भयंकर भूस्खलन की भी आशंका है ।

5. अपनी पूरी कमाई लगा कर घर बना कर दशकों से रह रहे बस्तियों के निवासियों को उनके घर से बेघर करना गैर कानूनी व अमानवीय कार्य है जो तुरंत निरस्त किया जाये।

6. तथाकथित सुनवाई में सभी प्रभावितों (गरीब एवं धनी) के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा न्यायसंगत तरीके से मुख्यमंत्री की नगर निगम चुनाव के दौरान की गई घोषणा के अनुसार घर का मालिकाना हक दिया जाये ।
इस अवसर प्रख्यात पर्यावरणविद् डाक्टर रवि चौपड़ा ने एलिवेटेड रोड़ पर्यावरणीय क्षति के सन्दर्भ में अपनी बात रखि ।
बस्ती बचाओ आन्दोलन के संयोजक अनन्त आकाश ने कहा है कि सरकार को एलिवेटेड रोड़ के बजाय सड़कों को ठीक ठाक करने तथा परिवहन व्यवस्था ठीक करनी चाहिए ,उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड़ मामले में सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का सिधे तौर में उल्लंघन कर रही है ।
इस अवसर पार्षदगण ,विभिन्न विभागों के। अधिकारीगण, नुरैशा अंसारी, विप्लव अनन्त आदि मौजूद थे ।

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