देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। चमोली जिले के सीमांत क्षेत्र में ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर तमक नाले पर बना पुल बह जाने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। यह सड़क सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि सीमा पर तैनात जवानों को आवश्यक सामग्री इसी मार्ग से भेजी जाती है। पुल टूटने से क्षेत्र के छह से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक महीने से लगातार अलग-अलग स्थानों पर सड़कें टूट रही हैं, जिससे ग्रामीणों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि सीमा सड़क संगठन (BRO) को तुरंत निर्देश दिए गए हैं और मार्ग को सुचारु करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
वहीं, उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरासू, नेताला, चड़ेथी और भटवाड़ी के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से आवाजाही बाधित हो गई है। हर्षिल और धराली के बीच फिलहाल केवल हल्के वाहनों की आवाजाही हो रही है। इसके अलावा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सिलाई बैण्ड, जंगलचट्टी, बनास और नारदचट्टी के पास बंद पड़ा है।
कुमाऊं मंडल में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। शेर नाला और सूर्या नाला में पानी का तेज बहाव होने से हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज राज्य मार्ग अवरुद्ध हो गया है।
इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों – देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंहनगर में भारी से बहुत भारी बारिश का **ऑरेंज अलर्ट** जारी किया है। अलकनंदा, गंगा, यमुना, सरयू, गोमती, पिंडर और काली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पुलिस प्रशासन लाउडस्पीकर के जरिए लगातार लोगों को अलर्ट कर रहा है और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।