स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद की बैठक में, दिल्ली को नींद से जगाने में प्रथम राष्ट्रपति के प्रपौत्र का मिला साथ-श्रीगोपाल नारसन

नई दिल्ली ।स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद की छठी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन के खुले सत्र में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र मनीष सिन्हा ने सदन में मौजूद स्वतंत्रता सेनानियों से आशीर्वाद प्राप्त कर अपना खुला समर्थन स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद को दिया है।मनीष सिन्हा का स्वागत करते हुए अमर शहीद जगदीश प्रसाद वत्स के भांजे व संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि खेद का विषय है कि दिल्ली में 26 राज्यो के स्वतंत्रता सेनानी व उनके परिजन देश के शहीदों के सपनो का भारत बनाने के लिए विचार मंथन करने में लगे है लेकिन केंद्र व राज्य सरकारें उनके प्रति बेरुखी के साथ सो रही है, जिसे नींद से जगाने में प्रथम राष्ट्रपति के प्रपौत्र मददगार सिद्ध हो सकते है। महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रह्लाद प्रजापति की मौजुदगी में महासचिव कुमार पटेल ने कहा कि अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का एक शिष्ट मंडल से दिल्ली में देश के नेताओं से मिलकर उन्हें आजादी के दीवानों की याद दिलाना चाहता है।महापरिषद के राष्ट्रीय समन्वयक हरिओम गुप्ता ने कहा कि महापरिषद के इस खुले सत्र में प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र का आना एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तराखंड से अवधेश पंत ने अखिल भारतीय स्ववंत्रता सेनानीय एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद् को संवैधानिक दर्जा दिये जाने व डिजीटिलाइज्ड परिचय पत्र प्रत्येक उत्तराधिकारियों को दिए जाने की मांग की। इस अवसर स्वाधीनता सेनानी नन्द किशोर माली, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय नारायण सीतलानी, एसएन मिश्र,मुकेश मर्चेंट, दिवाकर झा,महावीर ढाका,चौधरी विनोद कुमार, सुनील बाजारी,स्वाधीनता सेनानी गणेश माधवन,अप्पा राव नवले,सीतेश गुप्ता, संजय द्विवेदी, सुरेंद्र बुटोला, राम कुमार सिंह,आशा लाल,सुरेंद्र बटोला,वन्दना राय,ममता आदि ने विचार व्यक्त किए।

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