उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से बाढ़ का खतरा, सड़कें बंद और नदियां उफान पर – जानें पूरी रिपोर्ट

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के पहाड़ी जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन से सड़कें क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 24 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे बाढ़ और जलभराव की आशंका और बढ़ गई है।

मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यहां कहीं-कहीं पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। इससे नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन अलर्ट पर

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहेंगे और हर आपात स्थिति पर तुरंत रिपोर्ट करेंगे। सचिव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, विनोद कुमार सुमन ने बताया कि नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, इसलिए तटीय क्षेत्रों में चौकसी कड़ी कर दी गई है।

इसके अलावा मोटर मार्ग बाधित होने की स्थिति में उसे तुरंत खुलवाने के आदेश भी दिए गए हैं। सभी विभागीय नोडल अधिकारी और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे।

सड़कें बंद, गांवों का संपर्क टूटा

लगातार बारिश से कई सड़कें बंद हो गई हैं। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मौलधार–सेरकी सिल्ला, पुरुकुल–भितरली किमाड़ी, मालदेवता–सेरकी सिल्ला–भैसवाड़ गांव, सहस्त्रधारा–सरोना, सोडा सरोली–अखंडवाली भिलंग, धारकोट–लड़वाको, दुधलानी–चूनोउ–कामला और त्यूनी–चांदनी–पिवंवल मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है और स्थानीय लोग भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

नदियां उफान पर

लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा, भागीरथी, सरयू, यमुना और गोमती समेत प्रदेश की अधिकांश नदियां उफान पर हैं। कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने इन इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

जनजीवन अस्त-व्यस्त

तेज बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बाजारों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पर्यटकों को भी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। कई जगह यातायात पूरी तरह ठप है और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।

मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे बेहद अहम होंगे। अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो राज्य में कम से मध्यम स्तर की बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमों ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है और प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्यों के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें।

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