भारत पर अमेरिका का डबल टैरिफ शॉक! जानिए किन उत्पादों पर पड़ेगा सबसे ज़्यादा असर

अमेरिका (America) और भारत के व्यापारिक रिश्तों को बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह नया टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा, जबकि 30 जुलाई को घोषित पहले दौर का 25% टैरिफ 7 अगस्त यानी आज से लागू हो गया है।

अमेरिका ने यह कठोर कदम भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद जारी रखने को लेकर उठाया है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि भारत रूस से ऊर्जा आयात जारी रखे हुए है, इसलिए जवाबी कार्रवाई के तौर पर यह टैरिफ लगाया जा रहा है।

भारत सरकार ने अमेरिका के इस निर्णय को “दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित और तर्कहीन” बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा नीति का मकसद देश की 140 करोड़ की आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और यह पूरी तरह से वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर आधारित है।

भारत ने कहा है कि यह निर्णय न केवल अनुचित है, बल्कि यह अन्य देशों द्वारा लिए जा रहे समान निर्णयों की अनदेखी भी करता है। भारत ने जोर देकर कहा कि **अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

टैरिफ की इस नई व्यवस्था के बाद भारत, ब्राजील के साथ सबसे अधिक अमेरिकी शुल्क का सामना करने वाला देश बन गया है। दोनों देशों पर 50% तक का टैरिफ लागू कर दिया गया है। इसके अलावा म्यांमार पर 40%, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36%, बांग्लादेश पर 35%, और चीन व श्रीलंका पर 30-30 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है।

भारतीय उत्पादों में  कपड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्र इस टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों के लिए अमेरिका एक बड़ा निर्यात बाजार है और अब बढ़े हुए टैरिफ के चलते **भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ने की आशंका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कम टैरिफ वाले प्रतिस्पर्धी देशों के उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों से आगे निकल सकते हैं, जिससे निर्यात में गिरावट का खतरा बढ़ जाएगा।

हालांकि अमेरिका ने फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद (जैसे कंप्यूटर, टैबलेट और स्मार्टफोन) और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों को फिलहाल इस टैरिफ के दायरे से बाहर रखा है।

खास बात यह है कि 27 अगस्त से लागू होने वाले अतिरिक्त टैरिफ से ठीक दो दिन पहले, यानी 25 अगस्त को अमेरिका की एक उच्च स्तरीय व्यापार वार्ताकारों की टीम भारत आने वाली है। यह टीम भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते  पर चर्चा करेगी। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश इस व्यापारिक तनाव को सुलझा पाएंगे या हालात और बिगड़ेंगे।

 

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