उत्तराखंड में आई भयावह प्राकृतिक आपदा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को साफ और सख्त संदेश दिया है। दिल्ली में उनसे मिलने पहुंचे सांसदों से पीएम ने कहा, “उत्तराखंड में संकट की घड़ी है। आप सभी तत्काल धराली और हर्षिल जैसे प्रभावित क्षेत्रों में जाएं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सहयोग करें।”
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। राज्य को हर आवश्यक सुविधा और सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी खुद मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही वे लगातार पीएमओ और केंद्र सरकार के संपर्क में हैं।
पीएम मोदी ने सांसदों से अपेक्षा जताई कि सिर्फ बैठकें या औपचारिकता नहीं, अब ज़मीनी स्तर पर मदद की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी राज्य को किसी भी मदद की आवश्यकता होगी, तो केंद्र सरकार पीछे नहीं हटेगी।
प्रधानमंत्री के इस निर्देश को राजनीतिक संदेश से कहीं ज्यादा मानवीय अपील के रूप में देखा जा रहा है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि राज्य के जनप्रतिनिधि इस आपदा की घड़ी में केवल राजनीति तक सीमित न रहें, बल्कि जनता के बीच जाकर राहत व पुनर्वास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रधानमंत्री की इस सख्ती को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है और माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य दोनों अब मिलकर इस संकट से निपटने में जुटे हुए हैं।