उत्तराखंड में लगातार चार दिनों से हो रही तेज बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। राज्य की प्रमुख नदियां जैसे गंगा, अलकनंदा, सरयू, मंदाकिनी और गोमती उफान पर हैं और कई जगहों पर इनका जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने सभी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, रुद्रप्रयाग में गंगा बेसिन में अलकनंदा नदी बुधवार सुबह 627.6 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान 627.0 मीटर से ऊपर है। वहीं, गौरीकुंड में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 1976.8 मीटर पर स्थिर था, जो कि 2013 की केदारनाथ आपदा के स्तर के बेहद करीब है।
हरिद्वार के रायसी क्षेत्र में बाणगंगा नदी का जलस्तर 231.69 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 0.69 मीटर ऊपर है। टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग में भागीरथी नदी भी खतरे के स्तर 463.0 मीटर से ऊपर 464.3 मीटर तक पहुंच गई है। वहीं, बागेश्वर जिले में सरयू और गोमती नदियां भी लगातार बारिश के कारण उफान पर हैं।
इन हालातों को देखते हुए पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर सभी नदी किनारे हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों को खाली करवा दिया है और वहां **तैनाती बढ़ा दी गई है। लाउडस्पीकरों के ज़रिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है और नदियों के किनारे जाने से मना किया गया है।
प्रशासन लगातार जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रहा है और लोगों से अपील की गई है कि वह नदियों के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मांगें।
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