दमिश्क, सीरिया | 28 जुलाई 2025: सीरिया में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद पहली बार संसदीय चुनाव 15 से 20 सितंबर 2025 के बीच कराए जाएंगे। यह घोषणा सीरिया की उच्च चुनाव समिति के अध्यक्ष मोहम्मद ताहा अल-अहमद ने की है। उनका आधिकारिक बयान सरकारी समाचार एजेंसी साना (SANA) द्वारा जारी किया गया।
सीरिया में असद शासन का अंत और नई सरकार की स्थापना
दिसंबर 2024 में एक तेज और अप्रत्याशित विद्रोह के बाद बशर अल-असद सरकार का पतन हुआ था। इसके पश्चात एक नई अंतरिम सरकार का गठन किया गया, जिसके तहत यह चुनाव पहली बार आयोजित किए जा रहे हैं। अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शराहा के नेतृत्व में यह सरकार देश में लोकतांत्रिक ढांचे की बहाली के प्रयास कर रही है।
नई संसद की संरचना: 210 सदस्य
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70 सदस्य सीधे राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाएंगे।
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140 सदस्य प्रांतवार चुनावी कॉलेजों द्वारा चुने जाएंगे।
चुनाव समिति के एक अन्य सदस्य हसन अल-दाघिम के अनुसार, यह संसद मार्च 2025 में लागू अस्थायी संविधान के तहत एक पीपुल्स कमेटी के रूप में कार्य करेगी। जब तक स्थायी संविधान लागू नहीं हो जाता और सामान्य चुनाव नहीं होते, यह व्यवस्था लागू रहेगी।
चुनाव की घोषणा अशांत माहौल में
देश में चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब कई क्षेत्रों में गुटीय संघर्ष, जातीय हिंसा और राजनीतिक असंतोष बढ़ता जा रहा है। दक्षिणी सूवेदा प्रांत में हाल ही में हुए ड्रूज़ अल्पसंख्यकों और सशस्त्र बेदुईन कबीलों के बीच संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे गए। इस संघर्ष की शुरुआत अपहरण की घटनाओं से हुई थी। हालात बिगड़ने पर सरकारी बलों ने हस्तक्षेप किया, लेकिन उन पर पक्षपात के आरोप लगे हैं।
क्या 2025 के सीरिया चुनाव होंगे निष्पक्ष?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं, लेकिन हिंसा, जातीय संघर्ष और शासन में विश्वास की कमी चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।