गौरीकुंड में भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा प्रभावित, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने यात्रियों को सुरक्षित रास्ता पार कराया

रुद्रप्रयाग: शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक हुई भारी बारिश के बाद गौरीकुंड में घोड़ा पड़ाव के समीप पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित हो गया। मलबे और भारी बोल्डरों के जमा होने के कारण यात्रा तीन घंटे तक पूरी तरह से रोक दी गई। इसके बाद, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) के जवानों ने प्रभावी रेस्क्यू अभियान चलाकर यात्रियों को दोनों दिशा में सुरक्षित रास्ता पार कराया।

यात्रा को रोका गया और फिर रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ

शुक्रवार रात से शनिवार तड़के तक हुई मूसलधार बारिश के कारण गौरीकुंड के घोड़ा पड़ाव के समीप पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर केदारनाथ पैदल मार्ग पर गिर गया, जिससे भारी बोल्डर और मलबा रास्ते में जमा हो गया। इस कारण सोनप्रयाग से केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया। साथ ही, केदारनाथ से लौट रहे यात्रियों को भी रोका गया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

शनिवार सुबह 10 बजे के आसपास, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन के कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्र में फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले, केदारनाथ से सोनप्रयाग लौट रहे 100 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके बाद, दोनों दिशा में यात्रा को सुचारू रूप से चालू करने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने यात्रियों को दोनों तरफ से मार्ग पार कराया।

2874 श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराई

रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में कुल 2874 यात्रियों को सुरक्षित रूप से रास्ता पार कराया गया। इसमें 2578 पुरुष, 263 महिलाएं और 33 बच्चे शामिल थे। यात्रियों को विशेष तौर पर मदद की गई, जिन्हें बोल्डर और मलबे के बीच रास्ता पार करना था। सभी यात्रियों को हाथ पकड़कर और मार्ग को साफ करते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग का सहयोग

दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने भी प्रभावित रास्ते को जल्दी से दुरुस्त करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मजदूरों और विभागीय कर्मचारियों की टीम ने मलबे को हटाकर रास्ते को खोलने की दिशा में काम किया है। उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि शनिवार सुबह तीन घंटे तक यात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया था, ताकि स्थिति पूरी तरह से काबू में लाई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह 10 बजे के बाद यात्रा फिर से शुरू कर दी गई और दोनों दिशा में यात्रियों को सुरक्षित मार्ग पार कराया जा रहा है।

यात्रा के लिए पुनः दिशा-निर्देश

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे खराब मौसम की स्थिति में यात्रा करने से बचें और सिर्फ सुरक्षित मार्ग पर यात्रा करें। इसके साथ ही, प्रशासन ने सभी यात्रियों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि वे पूरी तरह से तैयार होकर यात्रा पर निकलें, ताकि किसी प्रकार की अप्रत्याशित घटनाओं से बचा जा सके।

प्रभावित क्षेत्र में लगातार काम जारी

अब तक, गौरीकुंड से केदारनाथ के पैदल मार्ग को साफ करने का काम लगातार चल रहा है। विभाग द्वारा मलबा हटाने और बोल्डरों को ठीक करने के लिए भारी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को फिर से सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और इस मार्ग को जल्द से जल्द पूरी तरह से खोलने की कोशिश की जा रही है।

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