भगवान शंकर के मन्दिरों पर दावे को ले तीसरे दिन भी थाईलैंड और कम्बोडिया सीमा पर संघर्ष: मौतों को ले परस्पर विरोधी दावे, डेढ़ लाख विस्थापित

सत्यनारायण मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार।

थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम मंदिरों के पास सीमा पर हिंसक झड़पें 26 जुलाई को तीसरे दिन भी जारी रहीं। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है।
मृतकों की संख्या: कम्बोडियाई अधिकारियों के अनुसार,अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें थाईलैंड के 14 नागरिक और एक सैनिक एवं कम्बोडिया में 12 लोग शामिल हैं। जबकि थाईलैंड ने दावा किया कि उनके हमलों में 100 कम्बोडियाई सैनिक मारे गये हैं।
दोनों देशों के बीच छिटपुट गोलीबारी और तोपखाने के हमले जारी हैं। थाईलैंड ने F-16 लड़ाकू विमानों से कम्बोडिया के सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसमें प्रीह विहियर, ता मुएन थॉम, और फु मकुआ के पास चार ठिकाने निशाना बने।
कम्बोडिया ने BM-21 रॉकेट लॉन्चर और भारी तोपों का उपयोग किया, जिससे थाईलैंड में एक अस्पताल, एक पेट्रोल पंप, और एक छोटा सुपरमार्केट क्षतिग्रस्त हुआ।
थाईलैंड ने चंथाबुरी और त्रात प्रांतों के सात जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है, जिससे सैन्य नियंत्रण बढ़ गया है।
विस्थापन: थाईलैंड में 1,38,000 लोग चार प्रांतों (उबोन रतचाथानी, सी सा केत, सुरीन, और बुरिराम) से विस्थापित हुए हैं, और कम्बोडिया में 4,000 लोग प्रभावित हुए हैं। थाईलैंड ने सात जिलों में मार्शल लॉ लागू किया है।
कूटनीतिक स्थिति: कम्बोडिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आपात बैठक बुलाई, जबकि थाईलैंड ने मलेशिया की मध्यस्थता स्वीकार करने का संकेत दिया, बशर्ते कम्बोडिया हमले रोके। दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को निष्कासित किया।
सांस्कृतिक क्षति: यूनेस्को ने प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम मंदिरों को हुए नुकसान पर चिंता जताई है।
भारत की प्रतिक्रिया: भारत ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की। भारतीय उच्चायोग ने थाईलैंड के सात प्रांतों में यात्रा न करने की सलाह दी।

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