उत्तराखंड चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे, 39 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने किया दर्शन

  • चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की ऐतिहासिक संख्या

  • उत्तराखंड सरकार ने रजिस्ट्रेशन का खुलासा किया, 49 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

  • हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की योजना

  • पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दी जानकारी, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की योजना

देहरादून, [तारीख]: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान इस साल अब तक 39 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में दर्शन किए हैं, जो कि एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी और बताया कि यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या
सतपाल महाराज के अनुसार, चारधाम यात्रा के लिए कुल 47 लाख 27 हजार 619 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अतिरिक्त, हेमकुंड साहिब के लिए 2 लाख 16 हजार 960 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। इस प्रकार, कुल 49 लाख 41 हजार 527 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

यात्रा के आंकड़े: 39 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
सतपाल महाराज ने बताया कि इस साल की यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। अब तक यमुनोत्री धाम में 5 लाख 73 हजार 812, गंगोत्री धाम में 6 लाख 47 हजार 571, केदारनाथ धाम में 13 लाख 91 हजार 348, बदरीनाथ धाम में 11 लाख 63 हजार 867, और हेमकुंड साहिब में 2 लाख 16 हजार 305 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कुल मिलाकर, सभी धामों में 39 लाख 92 हजार 903 तीर्थयात्रियों ने अब तक दर्शन किए हैं।

लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने की योजना
सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “हम इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं, जिससे उत्तराखंड का नाम इतिहास में दर्ज हो सके।” यह विशेष उपलब्धि राज्य सरकार और चारधाम यात्रा से जुड़ी संस्थाओं के लिए एक बड़ी गौरव की बात है।

हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की योजना
इसके अलावा, सतपाल महाराज ने हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा, “हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने से इसे लंदन और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकेगा। इससे भारतीय मूल के लोग आसानी से अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए हरिद्वार आ सकेंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है और यहां एयरपोर्ट बनने से तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी। इस एयरपोर्ट के लिए दो संभावित स्थानों को चिह्नित किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

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