डीआरआई ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 40 करोड़ रुपये की कोकीन जब्त की, एक व्यक्ति गिरफ्तार

नई दिल्ली, 19 जुलाई
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री से 40 करोड़ रुपये मूल्य की 4 किलोग्राम से अधिक कोकीन जब्त की है। यह बड़ी कार्रवाई शुक्रवार को हुई, जब डीआरआई की बेंगलुरु क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर एक यात्री को गिरफ्तार किया। यात्री के पास से बरामद की गई कोकीन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

कैसे पकड़ा गया आरोपी?

डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, उन्हें एक पुरुष यात्री के बारे में विशेष खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी, जिसके बाद उन्होंने शुक्रवार सुबह बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उस यात्री की जांच शुरू की। जांच के दौरान, अधिकारियों ने यात्री के सामान में कुछ असामान्य चीजें पाई। यात्री के पास दो सुपरहीरो कॉमिक्स/पत्रिकाएं थीं, जो सामान्य से कहीं अधिक भारी थीं। जब अधिकारियों ने इन पत्रिकाओं की गहन जांच की, तो पाया कि इनके कवर में सफेद पाउडर छिपा हुआ था।

इस पाउडर की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह कोकीन था। कुल मिलाकर, अधिकारियों ने 4,006 ग्राम (4 किलोग्राम से अधिक) कोकीन बरामद की। इस सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

डीआरआई अधिकारियों ने तुरंत एनडीपीएस अधिनियम (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत कार्रवाई की और कोकीन को जब्त कर लिया। इसके बाद, आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी 18 जुलाई को हुई और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद अब मामले की विस्तृत जांच जारी है।

डीआरआई की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि डीआरआई की यह सफलता उन अधिकारियों की तत्परता और लगातार निगरानी का परिणाम है, जो ऐसे अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क्स के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटे हुए हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि डीआरआई द्वारा जब्त किए गए ड्रग्स की इतनी बड़ी मात्रा से यह साबित होता है कि अंतर्राष्ट्रीय तस्कर भारतीय हवाई अड्डों का उपयोग नशे की सामग्री की तस्करी के लिए कर रहे हैं।

बेंगलुरु हवाई अड्डे पर यह जब्ती उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो नशीले पदार्थों की तस्करी करने की कोशिश करते हैं। डीआरआई की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पूरी तरह से चौकस हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखती हैं।

ड्रग तस्करी और भारत की स्थिति

भारत में ड्रग तस्करी की समस्या काफी बढ़ गई है, और यह एक गंभीर चिंता का विषय है, खासकर हवाई अड्डों और बंदरगाहों के माध्यम से। कोकीन और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन ड्रग्स की तस्करी अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क्स के माध्यम से की जाती है, जो अपने रास्ते में आने वाले किसी भी एतिहात या रुकावट को पार कर लेते हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर नशीली सामग्री को पैकेजिंग में छिपाकर भेजा जाता है, ताकि कस्टम्स अधिकारियों को धोखा दिया जा सके।

बेंगलुरु हवाई अड्डे पर हुई यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि भारत में ड्रग तस्करी की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय तस्कर अपने नशे के कारोबार को बढ़ाने के लिए भारत जैसे बड़े बाजारों का इस्तेमाल करते हैं, जहां ड्रग्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

डीआरआई की महत्वपूर्ण भूमिका

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का मुख्य कार्य नशीली पदार्थों की तस्करी, कर चोरी और अन्य व्यापारिक अपराधों को रोकना है। डीआरआई भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके अधिकारी देशभर में विभिन्न हवाई अड्डों, बंदरगाहों और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए चौकस रहते हैं।

डीआरआई द्वारा समय-समय पर की जाने वाली ऐसी कार्रवाइयां न केवल ड्रग्स के तस्करों के लिए एक चेतावनी हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि भारत में नशीली पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में सरकार पूरी तरह से गंभीर है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल सुरक्षा, बल्कि आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित होती है, क्योंकि ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी गतिविधियां देश की समृद्धि और विकास को प्रभावित करती हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.