पूरे देश में गूंजा हजारीबाग डिवीजन का नाम
आरपीएलआई एवं पीएलआई में 5 करोड़ 7 लाख का ऐतिहासिक बिजनेस, रामगढ़ सब डिवीजन सबसे आगे
मनोज कुझार झा
रामगढ़, भारतीय डाक विभाग के हजारीबाग डिवीजन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पूरे देश में आयोजित डाक चौपाल अभियान के अंतर्गत हजारीबाग डिवीजन ने पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI) और रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (RPLI) में ₹5 करोड़ 7 लाख 85 हजार 902 रुपये का शानदार बिजनेस कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान रामगढ़ सब डिवीजन का रहा, जिसने ₹97 लाख 20 हजार 487 रुपये का व्यापार करके सभी सब डिवीजनों को पीछे छोड़ दिया।
हजारीबाग डाक अधीक्षक श्री आशुतोष सिन्हा और रामगढ़ के सहायक डाक अधीक्षक श्री नवीन अग्रवाल ने इस सफलता पर सभी डाक कर्मियों को हार्दिक बधाई दी और उनके अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
डाक चौपाल से गांव-गांव तक पहुंचा बीमा का लाभ
डाक चौपाल कार्यक्रम का आयोजन पूरे भारत में हर महीने दो बार किया जाता है, जिसमें ग्रामीणों और आम नागरिकों को डाक विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी जाती है। इनमें बचत खाते, सुकन्या समृद्धि योजना, आधार सेवाएं, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, PLI और RPLI बीमा योजनाएं प्रमुख हैं।
इस बार 9 जुलाई 2025 को आयोजित डाक चौपाल की तैयारी पिछले 15 दिनों से की जा रही थी। हजारीबाग डिवीजन के सभी सात सब डिवीजनों — रामगढ़, रामगढ़ पूर्वी, हजारीबाग सेंट्रल, हजारीबाग वेस्ट, कोडरमा, चतरा, और बरही — में कुल 50 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को बीमा योजनाओं के प्रति जागरूक किया।
कम प्रीमियम में अधिक लाभ देने वाली योजना
सहायक डाक अधीक्षक नवीन अग्रवाल ने बताया कि डाक विभाग की PLI और RPLI योजनाएं आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी हैं। इन योजनाओं में कम प्रीमियम पर अधिक बोनस मिलता है।
PLI (Postal Life Insurance) की शुरुआत 1 फरवरी 1884 को हुई थी और यह देश की सबसे पुरानी सरकारी बीमा योजना है।
वहीं RPLI (Rural Postal Life Insurance) ग्रामीण भारत के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई योजना है, जिसका उद्देश्य गांवों में जीवन बीमा की पहुंच को बढ़ाना है।
सभी सब डिवीजनों का प्रदर्शन एक नज़र में:
| सब डिवीजन का नाम | कुल बिजनेस राशि (रुपये में) |
|---|---|
| रामगढ़ सब डिवीजन | ₹97,20,487 |
| हजारीबाग सेंट्रल | ₹91,41,553 |
| रामगढ़ पूर्वी | ₹90,37,999 |
| कोडरमा | ₹83,56,342 |
| चतरा | ₹60,44,347 |
| हजारीबाग वेस्ट | ₹55,59,823 |
| बरही | ₹29,25,351 |
डाक अधीक्षक ने जताया गर्व
डाक अधीक्षक श्री आशुतोष सिन्हा ने इस उपलब्धि को डाक विभाग की मेहनत और सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि “हमारी टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी। इसका असर यह हुआ कि लोग जागरूक हुए और इन योजनाओं से जुड़ने में रुचि दिखाई।”
रामगढ़ बना प्रेरणा स्रोत
रामगढ़ सब डिवीजन की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पूरे देश के अन्य डिवीजनों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है। इससे यह सिद्ध होता है कि अगर सही रणनीति और मेहनत से कार्य किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता।
निष्कर्ष:
हजारीबाग डिवीजन का यह रिकॉर्ड न केवल डाक विभाग की कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि सरकारी योजनाएं जब सही तरीके से लोगों तक पहुंचती हैं, तो वे समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान कर सकती हैं।