डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला: “चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास”
रामगढ़, – डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सुकरीगढ़ा, लारी, रामगढ़ में आज दिनांक 08.07.2025 को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, झारखंड और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित की गई, जिसका विषय था “चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास”।
कार्यशाला में प्रदेश स्तर के कई प्रमुख व्यक्तित्वों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की और कार्यक्रम को गौरवमयी बनाया। मुख्य अतिथि के रूप में श्री महेन्द्र कुमार सिंह (प्रदेश संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास), मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजय प्रसाद सिंह (जिला संयोजक रामगढ़-सह-सहायक प्राध्यापक, महिला महाविद्यालय, रामगढ़) तथा महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव श्री संजय कुमार प्रभाकर (प्रदेश संयोजक, शिक्षक शिक्षा, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, झारखंड) उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, डॉ. सुशील कुमार (पूर्व सचिव, भारत विकास परिषद), महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय, श्री मनोज कुमार झा (स.प्रा. चितरपुर महाविद्यालय, चितरपुर), और अन्य शिक्षकगण एवं प्रशिक्षु भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्रतिष्ठित संस्थापक डॉ. एस. राधाकृष्णन के चित्र पर दीप और पुष्प अर्पित करने से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि श्री महेन्द्र कुमार सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि चरित्र निर्माण केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति और पुरुषार्थ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, ज्ञानमय और आनंदमय कोष के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उनके अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति का चरित्र उसकी शिक्षा, संस्कार और आंतरिक गुणों से आकार लेता है।
मुख्य वक्ता डॉ. संजय प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा केवल ज्ञान की बात नहीं करती, बल्कि यह इंसान से इंसानियत बनाती है।” उन्होंने भारतीय संस्कृति और विरासत की महानता पर जोर दिया और कहा कि शिक्षित व्यक्ति का कार्य केवल खुद को नहीं, बल्कि समाज को भी श्रेष्ठ बनाना चाहिए। उनके अनुसार, व्यक्तित्व विकास की प्रक्रिया में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है, जो व्यक्ति को सही दिशा में मार्गदर्शन करता है।
कार्यशाला में मंच संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सुलेखा कुमारी ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता की कामना की।
इस कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण में सहायक प्राध्यापक मो० परवेज अखतर, श्री नयन कुमार मिश्रा, डॉ. अशोक राम, श्रीमती इंदु कुमारी झा, व्याख्याता प्रभारी विभागाध्यक्ष श्रीमती सुप्रिया बर्मन, श्री मुरारी कुमार दुबे, श्रीमती सुलेखा कुमारी, श्री वरूण कुमार, और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में श्री नन्दलाल कुमार, सुश्री श्रेया गुप्ता, बबलु कुमार, दिनेश कुमार, दीप्ति लकड़ा, पवन कुमार, पंकज करमाली, वायरलेस मुण्डा, उमेश कुमार, निर्मल महतो, कपिल कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला ने शिक्षा और संस्कार के महत्व को उजागर किया और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को जीवन में सफलता पाने के लिए आवश्यक गुण और चरित्र निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।