देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर बीते दिन हुए भूस्खलन में मलबे में दबकर एक बालिका समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य यात्री अभी लापता हैं। यह हादसा नौ कैंची भैरव मंदिर के पास हुआ, जिसके बाद एसडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमों ने मंगलवार, 24 जून को सुबह साढ़े छह बजे से फिर से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। इस बीच, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल पर राहत कार्यों की समीक्षा की।
हादसे की जानकारी
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भूस्खलन की घटना में मारे गए लोगों की पहचान हरिशंकर (47 वर्ष) और उनकी बेटी ख्याति (09 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जौनपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी थे। इस हादसे में घायल रशिक भाई (26 वर्ष) निवासी मुंबई, महाराष्ट्र को देहरादून रेफर किया गया है। रशिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, बालिका भाविका शर्मा (11 वर्ष) और कमलेश जेठवा (35 वर्ष) लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ और अन्य राहत दलों की टीमें लगातार खोज में जुटी हुई हैं।
बचाव कार्य जारी
एसडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमों ने सुबह से ही घटनास्थल पर राहत कार्य शुरू किया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भी मौके का दौरा किया और वहां मौजूद अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जियोलॉजिस्ट की टीम को तत्काल मौके पर भेजने के निर्देश दिए ताकि भूस्खलन के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
वैकल्पिक मार्ग से भेजे जा रहे यात्री
दूसरी ओर, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, फिलहाल यमुनोत्री धाम जाने वाले सभी यात्रियों का आवागमन रोक दिया गया है। जिन्हें वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण स्थिति से बचें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
भूस्खलन के कारण
उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं आम हो गई हैं। प्रशासन ने इन घटनाओं से निपटने के लिए उपायों को तेज कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में भूस्खलन के कारणों का अध्ययन कर सटीक उपायों को लागू करना जरूरी है। फिलहाल, घटनास्थल पर मलबे को हटाने का काम तेजी से जारी है और राहत दलों को लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं।
प्रभावित परिवारों के लिए सहायता
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों के लिए प्रशासन ने सहायता राशि और अन्य मदद की घोषणा की है। जिलाधिकारी ने बताया कि मारे गए लोगों के परिवारों को शोकसंतप्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासन तैयार है। इसके साथ ही, लापता यात्रियों के परिवारों के लिए भी हर संभव सहायता मुहैया कराने की योजना बनाई जा रही है।
इस हादसे के बाद यमुनोत्री मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।