देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा और उसके पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ पर तीखा हमला बोला है। हाल ही में सुरेश राठौड़ द्वारा एक अभिनेत्री उर्मिला के साथ सार्वजनिक प्रेस वार्ता कर उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में प्रस्तुत करने और फिर भारी जनदबाव के बाद पलटने को लेकर गरिमा ने भाजपा की राजनीति को “चरित्रहीन” और “दोहरे मापदंडों” वाली करार दिया है।
दसौनी ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम भाजपा की पाखंडी शैली और नारी सम्मान के प्रति उसके असली रवैये को उजागर करता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर यह केवल एक “पिक्चर का सीन” था, जैसा राठौड़ अब कह रहे हैं, तो क्या भाजपा नेता अब हर सार्वजनिक मंच पर अभिनय ही करेंगे? और अगर यह वास्तविक था, तो पार्टी की ओर से दिया गया नोटिस सिर्फ एक दिखावा क्यों बनकर रह गया?
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक जनता का गुस्सा नहीं फूटता, तब तक पार्टी चुप्पी साधे रखती है और जब जनदबाव बनता है, तभी वह कार्रवाई का नाटक करती है। उन्होंने कहा कि यूसीसी (UCC) की बात करने वाली भाजपा अपने ही नेताओं के बयानों और आचरण पर चुप क्यों रहती है?
गरिमा मेहरा ने यह भी आरोप लगाया कि जब भाजपा के पास कोई जवाब नहीं होता, तो वह व्यक्तिगत हमलों पर उतर आती है। सुरेश राठौड़ द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई निजी टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि भाजपा का मकसद मुद्दों से ध्यान भटकाना है।
उन्होंने भाजपा से तीखे सवाल पूछते हुए कहा:
क्या यह सच नहीं कि भाजपा के कई वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी महिलाओं के शोषण और विवाह विवादों में घिरे रहे हैं?
क्या यह भी सच नहीं कि भाजपा तब तक चुप रहती है जब तक जनता का गुस्सा न बढ़े?
क्या UCC का हवाला सिर्फ जनता को भ्रमित करने के लिए दिया जाता है?
दसौनी ने कहा कि सुरेश राठौड़ जैसे नेता भाजपा के असली चेहरे को उजागर करते हैं, जहां नैतिकता सिर्फ भाषणों तक सीमित है, आचरण में नहीं। उन्होंने दो टूक कहा कि नारी सम्मान, पारिवारिक मूल्य और सार्वजनिक उत्तरदायित्व सिर्फ मंच से नहीं, बल्कि व्यवहार से सिद्ध होते हैं।
अंत में गरिमा मेहरा ने चेतावनी दी कि भाजपा को अब अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, क्योंकि जवाब मांग रही है उत्तराखंड की जनता।