ऑपरेशन मानसून: कॉर्बेट पार्क में हाई अलर्ट

हल्द्वानी: रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रशासन ने मानसून सीजन के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया है। शिकारियों की घुसपैठ रोकने के लिए पार्क की दक्षिणी सीमा पर 250 से अधिक वनकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, शिकारियों पर नज़र रखने के लिए ड्रोन और थर्मल कैमरों का भी सहारा लिया जा रहा है।

ऑपरेशन मानसून का उद्देश्य

मानसून सीजन के दौरान, कॉर्बेट पार्क में पर्यटकों की आवाजाही रुक जाती है, जिससे शिकारियों को जंगल में घुसपैठ करने का मौका मिल जाता है। ऐसे में प्रशासन ने शिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए “ऑपरेशन मानसून” शुरू किया है। करीब 250 से ज्यादा वनकर्मी जंगल में पेट्रोलिंग कर रहे हैं, ताकि शिकारियों को जंगल में घुसने का मौका न मिले।

पार्क की संवेदनशीलता और सुरक्षा उपाय

कॉर्बेट नेशनल पार्क का क्षेत्रफल लगभग 1288 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें घने जंगल और जंगली जानवरों की विविधता है। मानसून में जंगल के रास्ते खराब हो जाते हैं और गश्त में सुस्ती का फायदा शिकारी उठाते हैं। इसीलिए इस मौसम में शिकारियों की सक्रियता बढ़ जाती है, खासकर बाघ, तेंदुआ और हाथी जैसे वन्यजीवों के शिकार की संभावना बढ़ जाती है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों से शिकारियों की घुसपैठ का खतरा रहता है, जैसे अमानगढ़, अफजलगढ़, शेरकोट, धामपुर और अन्य। इन क्षेत्रों में शिकारियों को रोकने के लिए हर 2 किलोमीटर पर एक वन चौकी स्थापित की गई है। इसके अलावा, इन चौकियों में पर्याप्त राशन और मेडिकल किट भेजी गई हैं, ताकि कर्मचारी पूरे मानसून सीजन के दौरान जंगल में तैनात रह सकें।

नई तकनीकों का उपयोग

बारिश के कारण जंगल में सड़कें टूटने और गश्त करने में कठिनाई आने के बावजूद, शिकारियों पर नज़र रखने के लिए ड्रोन और थर्मल कैमरे का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि शिकारी भी जल्द पकड़ में आ जाते हैं।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान पार्क में अलर्ट जारी किया गया है और वनकर्मियों को गश्त के निर्देश दिए गए हैं।

यह ऑपरेशन मानसून कॉर्बेट पार्क के जंगलों में जानवरों की सुरक्षा और शिकारियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

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