सुस्ती नहीं फूर्ती दिखाए सरकार

देहरादून। भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर मंथन किया गया। जिसमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा( J.P. Nadda) ने कमेटी के सदस्यों से लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए हुए कार्यक्रमों और तैयारियों की समीक्षा की।

बीजेपी( BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हरिद्वार दौरा क्या उत्तराखंड सरकार ( Government Uttarakhand) के लिए चुनौती बन गया? क्या नड्डा के सामने सरकार की नाकामी की पोल भी खुल गई? आखिर नड्डा ने धामी को क्या नसीहत दी? और संगठन से क्या रिपोर्ट मांगी? एसे ही कई और सवाल हैं जो हरिद्वार में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक के बाद उठ रहे हैं। सरकार-संगठन में बेहतर तालमेल के साथ बीजेपी कैसे चुनावी मिशन को आगे बढ़ाया जाए नड्डा की आज की पाठशाला का एंजेडा यही था। चुनाव में कोई सीट हाथ से ना निकले इसके लिए अभी से प्वांइट टू प्वाइंट काम करने का पाठ भी नड्डा पढ़ा गए।
दिन भर हरिद्वार में नड्डा अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए मगर सबसे अहम रही कोर कमेटी की बैठक। इसी बैठक के दौरान नड्डा ने सरकार के काम-काज का भी फीडबैक लिया और इसमें आपदा प्रबंधन को लेकर सुस्ती का सवाल उठा। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक के बाद खुलकर बताया कि कैसे नड्डा ने मुख्यमंत्री धामी को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार विकास के लिए काम कर रही है मगर आपदा का मुद्दा जब बैठक में आया तो नड्डा को निर्देश देने पड़े। महाराज के मुताबिक जेपी नड्डा ने सीएम धामी को साफ-साफ कहा है कि सबकी मदद की जाए और सड़कों का निर्माण किया जाए और विकास काम में तेजी लाई जाए। महाराज ने ये भी बताया कि जेपी नड्डा से मिले टिप्स के बाद सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जाएंगे और विकास की रफ्तार बढ़ाएंगे। ऐसे में सवाल ये है कि क्या सरकार का ध्यान अब तक विकास पर नहीं था? क्या धामी सरकार आपदा प्रबंधन में सुस्ती बरत रही थी? क्या सरकार की लापरवाही से लोगों की मदद नहीं हो पा रही थी? सतपाल महाराज ने बैठक से जुड़ी जो बातें बताई हैं उससे तो यही साबित होता है कि नड्डा के सामने सरकार की खामियां उजागर हुईं इसीलिए उन्हें मुख्यमंत्री को लोगों की मदद करने और सड़कें बनाने का निर्देश देना पड़ा। सतपाल महाराज ने तो यहां तक कहा कि चुनाव बैठक का एजेंडा ही नहीं था।
उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि जेपी नड्डा ने चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की और संगठन को तेजी से काम करने के निर्देश दिए। साथ ही कुछ एसे प्वांइट जल्द से जल्द बनाकर दिल्ली भेजने को कहा जिनके जरिए लोकसभा चुनाव के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटा जा सके। महेंद्र भट्ट ने ये भी कहा कि जेपी नड्डा ने यूसीसी और लैंड जेहाद के मुद्दे पर धामी की पीठ थपथपाई। यानि इन मुद्दों पर तो नड्डा धामी की तारीफ करने से पीछे नहीं हटे। महेंद्र भट्ट ने साफ किया कि चुनाव के लिहाज से पूरी रणनीति के साथ काम किया जाएगा जिसमें सांसदों और विधायकों की भी लगातार ड्यूटी लगेगी।
नड्डा का दौरा हो गया। बीजेपी के नेता नए टिप्स से ऊर्जा मिलने का भी दावा कर रहे हैं मगर बीजेपी ने चुनाव के दौरान डबल इंजन की सरकार में विकास का जो सपना दिखाया था उसका क्या हुआ? सवाल सतपाल महाराज के बयान से ही खड़ा हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा कि नड्डा ने मुख्यमंत्री को राहत देने के निर्देश दिए। बहरहाल बीजेपी कोर कमेटी की बैठक कई मायनों में अहम रही है मगर धामी के लिए एक तरफ तीरीफ तो दूसरी तरफ नसीहत वाला पाठ शायद आज फील गुड वाला नहीं रहा होगा। अब आगे बीजेपी क्या करेगी और किस रणनीति से आगे बढ़ेगी ये काफी अहम है। साथ ही विकास को लेकर अगर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही नसीहत देनी पड़े या निर्देश देने पड़ें तो डबल इंजन सरकार के सामने बेहतर काम करने की चुनौती तो है ही।

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