फसलों के कीट और रोग पर कार्यशाला आयोजित

देहरादून। खरीफ फसलों के कीट और रोग एवं उनके समेकित प्रबंधन रणनीतियों पर दो दिवसीय कार्यशाला  भाकृअनुप – वि.प.कृ.अनु.सं. अल्मोड़ा में आयोजित की गई। इस आयोजन का विशेष उद्देश्य राज्य के कृषि अधिकारियों को खरीफ की फसलों में कीट और रोग के चुनौती से निपटने में सशक्त बनाना था। इस कार्यशाला का उद्घाटन भाकृअनुप गीत से किया गया। इसके बाद कार्यक्रम को राज्य अधिकारियों और प्रतिभागियों के स्वागत तथा प्रतिभागियों के परिचय से प्रारम्भ किया गया । 

डॉ. कृष्ण कान्त मिश्रा, कार्यकारी निदेशक तथा विभागााघ्यक्ष, फसल सुरक्षा ने  सभी प्रभिागियों को संबोधित करके मुख्य रूप से धान के ब्लास्ट, फॉल आर्मी वर्म्स और नेमैटोड जैसे नाशीजीवों की नवीनतम उन्नत प्रबन्धन तकनीकी और पर्यावरण सहज उपायों के उपयोग की जानकारी दी। डा. बृज मोहन पाण्डेय, विभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन ने खरीफ फसलों में कीट और रोग के नियंत्रण तकनीकों को अनुकुलित करने पर अपने विशेषज्ञता को साझा किया। 

डॉ. आर.के. खुल्बे, प्रभारी विभागाध्यक्ष,  फसल सुधार ने फसलों की मजबूती और रोग प्रतिरोधी फसल विविधता के विकास पर अपने मूल्यवान परिप्रेक्ष्यों को साझा किया। साथ ही उन्होने स्वस्थ फसलों को उगाने के लिए गुणवत्तायुक्त बीजों के महत्व पर भी जोर दिया।

 डॉ. आशीष कुमार सिंह, समन्वयक ने, अपने स्वागत भाषण में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए खरीफ फसलों में कीट और रोगों और सूत्रकृमि को ध्यान में रखते हुए सम्भावित चुनौतियों की महत्वपूर्णता पर बल दिया। इस कार्यक्रम में अल्मोड़ा जिले के रानीखेत, भिकियांसैन, चौबटिया, चौखुटिया, बाड़ेछीना, द्वाराहाट, हवालबाग, सल्ट, ताड़ीखेत, स्याल्दे, लमगड़ा, धौलादेवी ब्लॉक से 27 प्रतिभागी और बागेश्वर जिले के कापकोट ब्लॉक से 1 प्रतिभागी शामिल हुए । कार्यशाला में श्री अमित उमेश पश्चापुर ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और उन्होंने निदेशक, प्रतिभागियों और आयोजकों को उनके मूल्यवान योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यशाला का समन्वयन श्री अमित उमेश पश्चापुर, डॉ. देवेंद्र शर्मा और डॉ. आशीष कुमार सिंह द्वारा किया गया ।

 

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