योजनाओं के क्रियान्वयन में विलम्ब होने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी

बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा लोकसभा की सभी विधानसभाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में विलम्ब होने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। मुख्यमंत्री ने कहा विधायकगणों द्वारा रखी गयी समस्याओं का समन्वय के साथ समाधान किया जाए।

धामी मुख्यमंत्री विकास कार्यों की वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को एक दूसरे पर थोपे जाने के बजाय आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान निकालें। दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक योजनाओं के अलग-अलग रोस्टर बनाये जाएं। जिन जन समस्याओं का समाधान जल्दी हो सकता है, उन्हें शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।
धामी ने निर्देश दिये कि सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे किये जाएं तथा घोषणाओं को पूरा करने में देरी पर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि गणों द्वारा विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न घोषणाओं के लिए जो भी प्रस्ताव आते हैं, उनका पहले भली भांति परीक्षण कर लिया जाए।

यह भी स्पष्ट किया जाए कि संबद्ध घोषणा कितनी अवधि में पूर्ण हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में एक नई कार्य संस्कृति लागू करनी है। जन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए अधिकारी आपसी समन्वय बढ़ाकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय जनपदों में पर्यटन को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जो घोषणाएं की गई हैं, उनको निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए संबद्ध अधिकारी अपनी कार्य संस्कृति में सुधार कर तेरी लातें। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण कार्यो में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन को भेजे गए प्रकरणों का फॉलोअप अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करें, ताकि उनका शीघ्रता से समाधान हो सके। विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, नहरों के मरम्मतीकरण, बाढ़ नियंत्रण से संबिधत कार्य, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने, पर्यटक स्थलों के विकास एवं अन्य समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने बताया कि जिला में मुख्यमंत्री की घोषणाओं की संख्या 121 है, जिनमें विधानसभा कपकोट की 80 घोषणाओं में से 53 अपूर्ण है। विधानसभा बागेश्वर की 41 घोषणाओं में से 21 अपूर्ण और 20 भौतिक रूप से पूर्ण है। उन्होंने बताया कि कपकोट विधानसभा क्षेत्र में 62 लाख के दैवीय आपदा कार्य किए गए हैं जबकि 20 करोड़ के कार्य प्रस्ताव शासन को भेजे गए है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.