पूर्व पुलिस अधिकारी से जुड़े आतंकवादी मामले में तीन वाहन जब्त

श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस अधिकारी देवेंद्र सिंह से हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी से संबंधित मामले को लेकर कार्रवाई के रूप में तीन वाहनों को जब्त किया है। पुलिस ने बताया कि इस कार में सवार चौथा व्यक्ति अभी भी ‘ओवरग्राउंड वर्कर’ है।

पुलिस के अनुसार, एक पूर्व पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में 2020 में प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के दो सक्रिय आतंकवादियों सहित तीन लोगों के साथ एक निजी वाहन से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस स्टेशन काजीगुंड, कुलगाम में इस मामले को 11 जनवरी 2020 को दर्ज किया गया था और इसे 17 जनवरी 2020 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि सिंह को 2021 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि 15 फरवरी को एनआईए ने यूए (पी), अधिनियम की धारा 25 (1) के तहत तीन वाहनों को जब्त किया, जिनका उपयोग आरोपी व्यक्तियों द्वारा कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किया गया।
जब्त वाहनों में एक हुंडई आई20, मारुति800 कार और हुंडई आई20 स्पोर्ट्ज शामिल हैं। एनआईए ने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के दो सक्रिय आतंकवादियों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो एक हुंडई आई20 कार में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रदेश से बाहर जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि हुंडई आई20 का आरोपी इरफान शफी मीर द्वारा इस्तेमाल की गयी जबकि मारुति 800 मुश्ताक अहमद शाह के नाम पर पंजीकृत है और उनके पुत्र आरोपी सैयद नवीद मुश्ताक अहमद शाह द्वारा इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, हुंडई आई20 स्पोर्ट्ज तनवीर अहमद वानी के नाम पर पंजीकृत है, जिसे उसने ही इस्तेमाल किया है।

जांच में पता चला कि श्रीनगर के हमहामा निवासी गुलाम अहमद वानी के पुत्र का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया था। एनआईए ने कहा कि 11 जनवरी, 2020 को मीर बाजार कुलगाम के पास श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर अल-स्टॉप नाका पर एक कार को रोका गया और तलाशी के दौरान, उस कार में एक एके-47 राइफल, तीन पिस्तौल, एक हथगोला, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। इन सामग्रियों को जब्त कर लिया गया। इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।

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