देहरादून। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या करने की षड्यंत्र का प्रकरण सामने आते ही उत्तराखंड की राजनीति में हड़कंप मच गया है। ऐसे में भले ही साजिशकर्ता गिरफ्तार हो गए हो लेकिन मंत्री की सुरक्षा क़ो लेकर पुलिस महकमे और गृह विभाग का रवैया सवालों के घेरे में हैं।
मामला 5 तारीख का हैं जब मंत्री सौरभ बहुगुणा क़ो उनके शुभचिंतक ने इस मामले की जानकारी दी और मंत्री ने सीएम से इस बारे में आग्रह किया। सीएम के निर्देश के बाद आरोपियों की धर पकड़ शुरू हो गई जिसमे शूटर में से केवल एक पकड़ा गया अभी भी तीन पकडे नहीं गए हैं।
मामला संज्ञान में आने के बावजूद भी मंत्री सौरभ बहुगुणा की सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई यहां तक की गृह विभाग के अधिकारियो के साथ साथ पुलिस महकमे पर भी सवाल उठते हैं ।
वही आज 10 तारीख क़ो यानि मामला पता लगने के पांच दिन बाद जाकर IG इंटेलिजेन्स मंत्री से मिलने पहुंचे वो भी मंत्री के बुलाने के बाद ऐसे में मंत्री की सुरक्षा क़ो लेकर गंभीरता समझी जा सकती हैं मामला मीडिया में आने के बाद मंत्री के आवास कार्यालय के गेट पर मेंटल डिटेक्टर, एक गनर और 2 LIU के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई लेकिन ये भी तब सुरक्षा मिली जब खुद मंत्री ने नाराजगी जताई।
साफ हैं ये मामला फ़र्ज़ी नहीं हैं ये साबित हो चुका हैं और पुलिस ने अपराधियों क़ो पकड़ा भी हैं जबकि सितारगंज में इससे पहले भी ऐसी घटनाये हो चुकी हैं। बड़ा सवाल ये हैं कि क्या हमारी पुलिस ये मानती हैं कि उत्तराखंड जैसे राज्य में ऐसी घटना नहीं हो सकती पुलिस का रवैया देखकर तो ऐसा ही लग रहा हैं खुद कैबिनेट मंत्री इस मामले में खासे नाराज हैं साफ हैं अगर सरकार के मंत्री क़ो सुरक्षा देने में विभाग अभी तक सक्रिय नहीं हैं तो भी जनता क़ो कैसे सुरक्षा दी जा सकेगी।
मिली जानकारी के अनुसार हीरा सिंह सितारगंज में मंत्री से एक पहले ही आधे घंटे मिलकर बातें करता रहा लगता हैं रेकी करने आया होगा वही मंत्री का 2 तारीख क़ो सितारगंज जाने का कार्यक्रम होना और सतनाम क़ो एक दिन पहले ही 21 दिन की पेरोल मिलना कई सवाल खडे होते हैं।