- यह आदेश 30 अप्रैल का है जिसे पांच दिन रोके रखा गया
देहरादून । सरकार ने वर्ष 2016 -17 में हरिद्वार जिला सहकारी बैंक लि. रुडक़ी में सहयोगी एवं गार्ड के 19 पदों पर हुई नियुक्तियों में अनियमितताओं की शिकायतों को जायज माना है और तीन लोगों के खिलाफ एक्शन भी लिया है जिनमें उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लि.हल्द्वानी के महाप्रबंधक दीपक कुमार,टिहरी गढ़वाल सहकारी बैंक के जिला सहायक निबंधक सुभाष चंद्र गहतोड़ी तथा जिला सहकारी बैंक लि.रुडक़ी के पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार पर एक्शन लिया है।
एक्शन के तहत दीपक कुमार तथा सुभाष चंद्र गहतोड़ी के दो वेतन वृद्धि पर रोक और प्रतिकूल प्रविष्टी भी प्रदान की गयी है। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक लि.रुडक़ी की प्रबंध कमेटी को वहां के पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार पर समुचित सुनवाई करने के साथ ही विधि सम्मत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
सहकारी समितियों के निबंधक आलोक कुमार पांडेय ने इस एक्शन को लेकर आदेश भी जारी कर दिए हैं। हालांकि निबंधक का यह आदेश 3 अप्रैल का है। जिसे पांच दिन तक रोके रखा गया ।
यह एक बड़ा घोटाला है। बावजूद सरकार ने एक्शन लेने में कंजूसी कर दी है। इस संबंध में निबंधक आलोक कुमार पांडेय से भी बात करने की कोशिश भी की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
दरअसल इन नियुक्तियों को लेकर हरिद्वार की सुनीता देवी ने शिकायत की। जिस पर 4 जनवरी 2020 को जांच के आदेश दिए गए लेकिन जांच के लिए कमेटी का गठन 19 मार्च 2021 को किया गया।
कमेटी ने जांच शुरू की और दीपक कुमार,सुभाष चंद्र गहतोड़ी और सुशील कुमार को पूरी तरह से दोषी पाया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि इन तीनों से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा गया लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
कई तरह की अनियमितताओं में टंकण की परीक्षा नहीं कराके अभ्यर्थियों को कंप्यूटर प्रमाण पत्र के आधार पर अंक दे दिए गए। इसके अलावा भी कई तरह की अनियमितताएं जांच के दौरान पाई गई हैं। दीपक कुमार उस दौरान महाप्रबंधक थे और चयन कमेटी के संयोजक भी थे।
जांच कमेटी ने पाया है कि दीपक कुमार ने अपने कर्तव्यों और दायित्वों का पालन नहीं किया।
सुभाष चंद्र गहतोड़ी उस समय जिला सहायक निबंधक के पद पर तैनात थे जबकि वर्तमान में गहतोड़ी जिला सहकारी निबंधक टिहड़ी गढ़वाल में तैनात हैं। बताते चलें कि उक्त परीक्षा में कुल 2298 अभ्यर्थी थे। जिनमें 79 अनुसूचित जनजाति,868 अनुसूचित जाति और 1352 सामान्य अभ्यर्थी शामिल थे।