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बिजली कटौती के विरोध में महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, ऊर्जा भवन के समक्ष जमकर की नारेबाजी

देहरादून। बिजली कटौती के विरोध में प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उर्जा भवन के समक्ष प्रदर्शन किया और ऊर्जा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । प्रदर्शनकारियों ने ऊर्जा विभाग से अघोषित बिजली कटौती बंद करने और बंद न करने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला के नेतृत्व में मंगलवार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता काफी संख्या में ऊर्जा भवन पहुंची और ऊर्जा भवन के समक्ष जोर-जोर से नारेबाजी करने लगी।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन दिनों बोर्ड की परीक्षायें चल रही हैं और ऊर्जा विभाग जमकर बिजली कटौती कर रहा है। विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने ऊर्जा विभाग के मुखिया के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया।

ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं नें 24 घंटे बिजली देने का वायदा किया था। लेकिन, चुनाव जीतते ही इसके विपरित आचरण करनें का काम किया।

अघोषित बिजली कटौती का असर राज्य में उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों समेत छोटे शहरों पर पड$ रहा है। प्रतिदिन से घंटे तक बिजली कटौती हो रही है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली कटौती के कारण छात्र-छात्राएं अपनी परीक्षा की तैयारी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। गर्मी में घंटों तक बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं, उद्योग बुरी तरह प्रभावित हैं जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है।
भाजपा सरकार बनते ही तोहफे स्वरूप बिजली के दामों को भारी इजाफा किया है। अब जनता को बिजली के ज्यादा दाम देने पड़ रहे हैं। विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों का जो टैरिफ प्लान जारी किया है उसके अनुसार उत्तराखंड में बिजली दरों में 2.68 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ बिल जमा करने पड़ रहे हैं। गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए चार पैसा प्रति किलोवाट दाम बढ़े हैं।

डोमेस्टिक श्रेणी में 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ेतरी हुई। कमर्शियल श्रेणी में 16 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई। इंडस्ट्रीज श्रेणी में 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ेतरी की गई है। राज्य सरकार ने नए कनेक्शन की दरों में भी बढ़ेतरी की है। नए कनेक्शन लेने में 6 से 8 रुपये की बढ़ेतरी हुई है। उन्होंने कहा कि बिजली मंहगी करने के बाद भी विभाग की अघोषित बिजली कटौती से जनता त्राहिमाम कर रही है। 24 घण्टे लो वोल्टिज और बार बार ट्रिपिंग की समस्या से जनता बेहाल है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में हो रही बिजली कटौती से प्रदेश के किसान परेशान है। उर्जा प्रदेश के नाम से देशभर में प्रसिद्ध उत्तराखण्ड अब अपने लोगों को भरपूर बिजली नहीं दे पा रहा है जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि राज्य सरकार का प्रबंधन पूर्ण रूप से फेल हो गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग की अघोषित बिजली कटौती से उद्योग में उत्पादन में 25 प्रतिशत तक की कमी आयी है। ज्ञापन में मांग की गई है कि बिजली कटौती पर रोक लगायी जाए अन्यथा महिला कांग्रेस बिजली विभाग के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करेंगी।

प्रदर्शन करने वालों में कमलेश, रजनी रावत, पुष्पा बहुगुणा, गुडडी रावत, सीमा, अनीता दास, सन्तोष, चंचल, रजनी राठौर, कृष्णा, प्रियंका भंडारी, आरती, उर्मिला थापा, मीना बिष्ट, इमराना परवीन, तजेन्द्र कौर, देवेन्द्र कौर, शन्नो, सुशीला शर्मा के साथ ही काफी संख्या में कांग्रेस महिला कार्यकर्ता शामिल थी।

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