शिखंडी को आगे कर नहीं हो सकती मेरी हत्या: प्रीतम

कहा, भाजपा में जाने की अफवाह उड़ाने वाले पोर्टलों पर करूंगा मानहानि का मुकदमा

  • इस्तीफा देने की खबरों के पीछे साजिश का अंदेशा जताते हुए भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया 
देहरादून। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उनके इस्तीफा देने की खबरों के पीछे साजिश का अंदेशा जताते हुए भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया है। प्रीतम सिंह इस वक्त चकराता से कांग्रेस विधायक भी हैं।
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रीतम सिंह ने कहा कि शिखंडी को आगे करके प्रीतम सिंह की हत्या नहीं की जा सकती। हालांकि उन्होंने साफ नहीं किया कि वह शिखंडी किसे कह रहे हैं और मीडिया के शिखंडी के पीछे के नाम का खुलासा करने को कहने पर कहा कि महाभारत पढि़ए।
प्रीतम सिंह ने रविवार को तीन न्यूज पोर्टलों चंपावत टुडे, नित्यमसमाचार और पहाड़ी खबरनामा में उनके इस्तीफा देने की खबरों को उनके खिलाफ साजिश बताया और कहा कि वह भ्रामक खबरें देने वाले इन पोर्टलों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे और एफआईआर कराएंगे।
बाद में उन्होंने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को खबरों के स्क्रीन शॉट्स के साथ न्यूज पोर्टलों के स्वामी, प्रकाशकों, संपादकों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम प्रेस अधिनियम, भारतीय दंड संहिता एवं सुसंगत अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने और उनकी जांच की अर्जी भी दी।  जिनके भी साथ में संलग किए गए है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने उनके परिवार को हमेशा सम्मान दिया है। लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने कांग्रेस से उनके त्यागपत्र देने की खबरें फैलाई और उनसे इस बाबत बात तक नहीं की जिससे वह बहुत आहत हैं। उनके पिता गुलाब सिंह आठ बार कांग्रेस के विधायक रहे। उन्हें खुद छह दफा कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनने का मौका मिला है  इसके बाद भी मेरे भाजपा में जाने की अफवाह फैला कर कुछ लोग कांग्रेस तो कमजोर कर रहे है। इस मौके पर जब पूछा गया कि वह गुटबंदी के इलजाम पर आलाकमान से सवाल कर रहे हैं और स्थिति स्पष्ट करने को कह रहे हैं तो उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी के विरुद्ध बयान नहीं दिया । उन्होंने इशारा किया कि प्रदेश संगठन व आलाकमान के बीच के पुल बने लोगों ने यह काम किया है। वहीं प्रीतम सिंह के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि वह एक समर्पित व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं। सवाल करना उनका हक है। उन्हें बताया ही जाना चाहिए कि आखरि उनपर गुटबाजी का इलजाम क्यों लगाया जा रहा है।

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