परिसंपत्ति विवाद: लंबित मामलों का होगा संयुक्त सर्वे कर निपटारा

सिंचाई विभाग की 5700 हेक्टेयर व 1700 आवासों का संयुक्त सर्वे कर होगा शीघ्र चिन्हीकरण

  • दोनों प्रदेशों के बीच अदालती मामले वापस लेकर आपसी सहमति से हल किए जाएंग
  • उप्र परिवहन निगम के उत्तराखंड परिवहन निगम को 205 करोड़ का भुगतान करने पर सहमति बनी
  • हरिद्वार स्थित अलकनंदा पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण दिसम्बर 2021 को

देहरादून। उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के बीच परिसंपत्ति विवाद के लंबित मामलों के निपटारे के लिए दोनो प्रदेश संयुक्त सर्वे करेंगे। इन मामलों में सर्वे के लिए 15 दिनों का समय लिया गया है।

लखनऊ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्य के बीच आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के संबंध में बैठक की।

इस अवसर दोनों राज्यों के परस्पर हितों को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंचाई विभाग की 5700 हेक्टेयर भूमि और 1700 आवासों में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के उपयोग के लिए आवश्यक भूमि एवं भवन के आकलन के लिये संयुक्त सर्वे कर शीघ्र चिन्हीकरण किया जायेगा।

दोनों राज्यों के मध्य सहमति बनी कि न्यायालयों में लम्बित विभिन्न वादों को वापस लिया जायेगा और आपसी सहमति से मामलों को हल किया जायेगा। दो बैराज भारत नेपाल सीमा पर बनबसा बैराज तथा किच्छा का बैराज जो आपदा से नुकसान के कारण जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, इन बैराजों का निर्माण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा उत्तराखण्ड परिवहन निगम को 205 करोड$ का भुगतान करने पर सहमति बनी। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद् की उत्तराखंड में अवस्थित परिसम्पतियों के निस्तारण से होने वाली आय एवं देनदारियों का दोनों राज्यों को 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बंटवारा होगा।

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हरिद्वार स्थित अलकनंदा पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण दिसम्बर 2021 में किया जाएगा और तत्समय पूर्व पर्यटक आवास गृह उत्तराखंड को हस्तांतरित किया जाएगा। किच्छा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की बस स्टैंड की भूमि को उत्तराखंड को 15 दिन के अन्दर हस्तांतरित किया जायेगा।

वन विभाग के अवशेष 9 करोड़ के देयकों का भुगतान भी तत्काल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड को किया जायेगा। जनपद ऊधमसिंह नगर स्थित धौरा, बैगुल, नानक सागर जलाशय में पर्यटन एवं वाटर स्पोर्ट की अनुमति दी गई। ऊपरी गंग नहर में वाटर स्पोर्ट की अनुमति भी दी गई।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, उत्तराखंड से सचिव रंजीत सिन्हा, प्रमुख अभियंता सिंचाई मुकेश मोहन एवं उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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