खेती बचाओ, खानपान बचाओ एवं गांव बचाओ यात्रा के माध्यम से उठा रहे किसानों की समस्याएं

देहरादून। बीज बचाओ आंदोलन एवं सर्वोदय मंडल टिहरी गढ़वाल की ओर से अस्कोट गांव (पिथौरागढ़) से नेपाल सीमा से आराकोट (उत्तरकाशी) हिमाचल प्रदेश की सीमा तक एक सप्ताह की खेती बचाओ, खानपान बचाओ एवं गांव बचाओ अध्ययन यात्रा कर सरकार तक किसानों की समस्याएं पहुंचा रहे है।
इस संबंध में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर त्वरित कार्यवाही की मांग की गयी। मंगलवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में संयोजक विजय जडधारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि खेती बचाओ, खानपान बचाओ एवं गांव बचाएं अध्ययन यात्रा का दल ज्वलंत मुद्दों के निराकरण की मांग कर रहा है। इस संबंध में सीएम को भी एक ज्ञापन दिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया कि खेती किसानी और पशुधन गांव में रहने वाले लोगों का सबसे बडा रोजगार है। यात्रा के दौरान हमरे हजारों किसानों से संपर्क किया तो किसानों की कई समस्याएं है। किसानों की फसलों को जंगली जानवरों का आतंक है।
अगली फसल के लिए बीज बचाना भी मुश्किल हो रहा है। जिससे कई लोग खेती छोडक़र पलायन करने को मजबूर है। सरकार को इस समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर सरकार से त्वरित कार्यवाही की मांग की। इस अवसर पर रघुभाई जडधारी, शक्ति प्रसाद जोशी, शशिभूषण भट्ट आदि मौजूद थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.