नैनीताल । नैनीतल उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों से जुड़े दस सवाल पूछे हैं। न्यायालय ने सरकार से इन सवालों का जवाब 28 जुलाई तक विस्तृत शपथ पत्र पेश करने को कहा है। इसी दिन अगली सुनवाई भी तय कर दी है। न्यायालय ने पर्यटकों के लिए लॉकडाउन खोले जाने पर गहरी चिंता जाहिर की है और मुख्य सचिव को वीकेंड टूरिज्म के बारे में लिए गए निर्णय की जानकारी देने को भी कहा है।
बुधवार को यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूत आलोक कुमार वर्मा की संयुक्त खंडपीठ ने कोरोना से निपटने में सरकार की असफलता से जुड़ी दस से अधिक जनहित याचिकाओं की सुनाई करते हुए जारी किया है। सुनवाई के वक्त नवनियुक्त मुख्य सचिव एसएस संधु, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव डा.आशीष चौहान वीडियो कांफ्रेंसिंग से शामिल हुए।
इस अवसर पर न्यायालय ने राज्य भर के पर्यटन स्थलों में भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। कोविड के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे सरकार की व्यवस्थाएं धराशाई हो गयी है। न्यायालय ने कहा कि आज जारी किए गए दस निर्देशों का तत्काल पालन किया जाना होगा।
सवाल एक : न्यायालय ने साफ कर दिया है कि सप्ताहांत में पर्यटकों के लिए दी गयी छूट पर पुनॢवचार किया जाना होगा और इस बारे में लिए गए निर्णय की जानकारी तलब की है।
सवाल दो : डेल्टा प्लस वैरिएंट की जांच के लिए और भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जानी होगी।
सवाल तीन: न्यायालय ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन जिलों में नमूने लिए गए, वहां के अधिकारियों ने सावाधानी के लिए क्या निर्णय लिए हैं।
सवाल चार:न्यायालय ने सरकार से राज्य के कितने सरकारी कितने निजी अस्पतालों में एमआरआई सुविधा है कितनों में नहीं है इसकी रिपोर्ट भी तलब कर ली है।
सवाल पांच:संभावित तीसरी लहर को देखते हुए न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि कितने पीडियाट्रिक बाल रोग वार्ड हैं और कितने बेड हैं
सवाल छह: न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि कितनी सीएचसी में डाक्टर उपलब हैं कहाँ नहीं हैं इसकी पूरी सूची तलब की है।
सवाल सात: न्यायालय ने राज्य में प्रतिदिन वैक्सीनेशन का विवरण मांगने के साथ ही अब तक पहली खुराक का विवरण भी मांगा है।
सवाल आठ: न्यायालय ने यह भी जानना चाहा है कि अभी तक कितनी बुजुर्ग व्यक्तियों और विकलांगों को वैक्सीन लग चुकी है और इसके लिए लिए राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं इस पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सवाल नौ: न्यायालय ने यह भी जानना चाहा है कि निकट भविष्य में नियर होम वैक्सीनेशन क्लिनिक के बारे में सरकार ने कोई विचार किया है
सवाल दस: न्यायालय ने उत्तराखंड में इंटर्न चिकित्सकों को 7500 मानदेय दिया जा रहा है जबकि हिमाचल सरकार इससे ज्यादा दे रही है। न्यायालय ने इसे बढ़ाने के बारे में विचार करने को कहा है। न्यायालय ने यह भी सवाल किया है कि एक और सरकार कहती है कि हमारे पास चिकित्सक नहीं है और दूसरी और इंटर चिकित्सकों का मानदेय इतना कम क्यों किया गया है