दूसरों के घर रोशन करने वाले कुम्हारों के घरों में छाया अंधेरा, पुश्तैनी कारोबार पर संकट
खूंटी। दीपावली हो या कोई मांगलिक अवसर, मिट्टी के दीयों की रोशनी भारतीय परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। मिट्टी के साधारण ढेले को सुंदर दीये, घड़े, सुराही और खिलौनों का आकार देने वाले कुम्हार सदियों से इस विरासत को सहेजते आए हैं। लेकिन बदलती जीवनशैली, आधुनिक बाजार और आर्थिक तंगी ने…
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