गणतंत्र @75 : कुछ इशारे!
राजेन्द्र शर्मा
बेढब तो है, पर हैरान नहीं करता है कि गणतंत्र की पूर्व-संध्या पर अपने परंपरागत संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने 'एक देश, एक चुनाव' का जी भरकर गुणगान किया। उन्होंने इसे अपनी सरकार का 'साहसपूर्ण दूरदर्शिता' का प्रयास ही करार नहीं दिया, यह दावा भी किया कि इससे 'सुशासन को नये आयाम'…
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