कभी राम तेरी गंगा मैली में रोई थी…
शीशपाल गुसाईं
भागीरथी के किनारे, देवभूमि उत्तराखंड की गोद में बसा हर्षिल और धराली—ये सिर्फ भूगोल नहीं हैं, ये भावना हैं। ये वो स्थान हैं जहाँ हिमालय की शांति, गंगा की पवित्रता और मानवीय संवेदना का संगम होता है। लेकिन समय की धार और प्रकृति की मार ने इस स्वर्ग जैसे क्षेत्र को आज शोक की छाया में ढंक…
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