“ट्रंप साहब को नोबेल दे दीजिये: सात युद्ध, सत्तर दावे, और एक सुनहरा सपना.. और क्या चाहिये…
प्रस्तुति: सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
एक बार की बात है, व्हाइट हाउस के सुनहरे गलियारों में, जहाँ दीवारें सोने की तरह चमकती थीं (या शायद वो सिर्फ ट्रंप साहब का हेयरस्प्रे रिफ्लेक्शन था), हमारे नायक डोनाल्ड जे. ट्रंप बैठे थे। उनके सामने एक विशाल डेस्क, जिस पर एक गोल्ड-प्लेटेड बटन था, जिसे वो…
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