आचार्य रमेश सेमवाल बोले – श्राद्ध से पितरों को मिलती है मुक्ति, जानें महत्व और नियम
रुड़की। 8 सितम्बर से 21 सितम्बर 2025 तक पितृपक्ष यानी श्राद्ध पक्ष रहेगा। इस दौरान हर घर में पितरों को तर्पण और श्रद्धा से याद किया जाता है। आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने भागवत कथा के दौरान श्राद्ध की महिमा बताते हुए कहा कि पूर्णिमा के बाद अमावस्या तक के 15 दिन पितरों को समर्पित होते हैं। इसी कारण…
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