धर्म पर भाषण, पार्टी में परिवर्तन—दलबदलू नेताओं की दोहरी नैतिकता पर करारा व्यंग्य
राजनीति के वर्तमान परिदृश्य में एक दिलचस्प विरोधाभास तेजी से उभरकर सामने आया है। जो नेता कभी धर्म परिवर्तन को राष्ट्र और संस्कृति के लिए खतरा बताते नहीं थकते थे, वही आज पार्टी बदलने की कला में निपुण नजर आते हैं। उनका यह रूप इतना तेज़ी से बदलता है कि गिरगिट भी पीछे छूट जाए।
आम नागरिक यदि अपने…
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