क्या स्कूल बन गए हैं ‘सब्सक्रिप्शन सर्विस’? किताबों और यूनिफॉर्म के खर्च ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता
आज के समय में बच्चों को स्कूल भेजना केवल शिक्षा दिलाने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक महंगे ‘सब्सक्रिप्शन मॉडल’ जैसा अनुभव देने लगा है। पहले लोग पूछते थे कि बच्चा किस कक्षा में पढ़ता है, लेकिन अब अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय यह होता है कि इस बार किताबों और यूनिफॉर्म पर कितना खर्च हुआ।…
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