नास्तिकता से मंदिर तक! तमिलनाडु की राजनीति में अचानक क्यों बदले सुर?
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से आत्म-सम्मान आंदोलन, तर्कवाद और नास्तिक विचारधारा के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव के करीब आते ही राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। जो नेता पहले धार्मिक परंपराओं और कर्मकांडों के मुखर विरोधी रहे हैं, वही…
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