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विचार

सत्यपाल मलिक के बयान से सकते में सरकार 

मेघालय के राज्यपाल महामहिम सत्यपाल मलिक अपने बेबाक बयानों को लेकर इन दिनों जबरदस्त चर्चाओं में हैं ! उनके इन बयानों से केंद्र सरकार के सामने मुसीबत खड़ी हो रही है वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं ? महामहिम सत्यपाल मलिक के किसान आंदोलन पर बोलने के बाद ईडी-इनकम…
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भारत 101 वें पायदान पर

सुशील उपाध्याय मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जब सामने खाने से भरी हुई थाली मौजूद हो, तब आप अपनी भुखमरी के दिनों को याद करने लगे तो यह एक प्रकार का मानसिक असंतुलन है। मुझे लगता है कि इस तरह का असंतुलन हमारे आसपास बहुत लोगों को महसूस होता होगा। उन स्थितियों, परिस्थितियां के लिए, जो सीधे आपके नियंत्रण…
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प्याले में तूफान, उमा भारती की चुनौती को चुनौती

राकेश प्रजापति  मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने प्रदेश में शराबबंदी को लेकर मुहिम छेड़ने का ऐलान किया है , उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है ,बावजूद इसके प्रदेश में शराब की बिक्री किस तरह से बढ़ाई जाए ताकि उससे…
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किसान आंदोलन नहीं इसे जनांदोलन कहिए

अमित नेहरा  भारत के संविधान का अनुच्छेद-123 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है। संविधान के अनुसार अगर कोई ऐसा मुद्दा हो, जिस पर तत्काल प्रभाव से कानून लाने की जरूरत हो, तो संसद के सत्र का इंतजार करने की बजाए सरकार अध्यादेश के जरिए उस कानून को लागू कर सकती है। लेकिन महत्वपूर्ण बात…
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योगी का ‘राजहठ’ दिल्ली पर पड़ा भारी!

कोविड-19 की तमाम विफलता के बावजूद योगी पर फैसला रुका मोदी-शाह के मंसूबों में पानी फेर योगी ने तोड़े कई मिथक  वीरेंद्र सेंगर लखनऊ/दिल्ली। पिछले पखवाड़े लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा में अंदरूनी सियासी हलचल काफी तेज रही। अंतिम निर्णायक फैसला अभी रुका हुआ है, क्योंकि मोदी राज में पहली बार…
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उपलब्धियों की सरकार!

 धर्मपाल धनखड़ हरियाणा में खट्टर सरकार के 600 दिन पूरे होने पर बधाई। इस दौरान प्रदेश बेरोजगारी के मामले में देश में नंबर वन हो गया है। सरकार ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं के लिए 75 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है। युवाओं को इसका फायदा जल्द से जल्द दिलवाने के लिए सरकार उद्योगों…
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विकास की बलि चढ़ता पर्यावरण…

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष तकनीक औद्योगिक समाज और वर्तमान नौकरशाही ने पर्यावरण संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर दी है. उनमें से कई इतनी गंभीर है कि उन्होंने पृथ्वी पर जीव मात्र के अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है ! उद्योग प्रधान देशों में तेजाबी वर्षा की विभीषिका ने वैज्ञानिकों और राजनेताओं को इन…
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प्रवाह के विरुद्ध

डा. अर्चना बहुगुणा, वरिष्ठ वैज्ञानिक भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, सोलन, हिमाचल प्रदेश प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्म विभूषण सुंदरलाल बहुगुणा जी आज हमारे बीच नहीं हैं। कोविड-19 के चपेट में आने के बाद बीते 21 मई को 94 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वो हमेशा पर्यावरण प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेंगे।…
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कोरोना काल में पत्रकारों पर संकट

महामारी के इस भयावह दौर ने हमे बहुत कुछ दिखा -सुना और समझने को मजबूर भी किया है ? वे चेहरे भी नग्न हो गए जिन्हें हमने इस देश की सत्ता इस आस के साथ सौपीं थी कि बुरे और मुशीबत के समय ये सरकारे जनता को राहत  के मरहम से सुकून देने का काम करेंगी? प्रदेश में भोलो-भाली ,निरीह जनता की मौत का ताण्डव अपनी…
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कोविड-19ः वायरस को कमजोर करता है शरीर का पसीना

मजदूर और किसानों को कोरोना क्यों नहीं होता अमेरिका में हुई रिसर्च में हुआ खुलासा नयी दिल्ली : कोविड-19 के 500 से ज्यादा स्ट्रेन का पता चला है और इनमें से कुछ तो बेहद जानलेवा है। यह इतनी खतरनाक है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले संक्रमित व्यक्ति की मौत हो जाती है। एक बात सब ने ध्यान दी है कि…
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