देहरादून। राजधानी में पेड़ों की कटाई के विरोध में शनिवार को ‘वायदा निभाओ’ पदयात्रा निकाली गई। ग्रीन दून के नेतृत्व में करीब 23 संगठनों के प्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों ने दिलाराम चौक से सेंट्रियो मॉल तक मार्च कर सरकार को अपना पुराना वादा याद दिलाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले वर्ष न्यू कैंट रोड पर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लगभग 250 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव सामने आया था। उस समय जनदबाव के चलते सरकार ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया था और स्वयं मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा की थी। स्थानीय पार्षदों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए थे।
हालांकि अब प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उसी क्षेत्र में 17 पेड़ों को काटा जा रहा है और भविष्य में बड़ी संख्या में और पेड़ों की कटाई की आशंका है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि देहरादून में लगातार बढ़ते प्रदूषण और तापमान को देखते हुए पेड़ों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि फरवरी-मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस हो रही है, जो पर्यावरणीय असंतुलन का संकेत है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मसूरी मार्ग सहित अन्य सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर पहले ही हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि 9 मार्च से प्रतिदिन कम से कम पांच सदस्य कैंट रोड पर पेड़ों से चिपककर ‘चिपको आंदोलन’ करेंगे, ताकि कटाई को रोका जा सके।
पदयात्रा में हिमांशु अरोरा, इरा चौहान, रवि चोपड़ा, अनूप नौटियाल, जया सिंह, जगमोहन मेंदीरत्ता, ऋतु चटर्जी, कमला पंत, इंद्रेश मैखुरी, मोहित डिमरी, जितेंद्र अंथवाल, अमर सिंह धुनता, लोकेश ओहरी और अजय शर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।