हल्द्वानी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** ने हल्द्वानी में आयोजित थाल सेवा कार्यक्रम में भाग लेते हुए स्वयं ‘थाल सेवक’ की भूमिका निभाई। उन्होंने जरूरतमंदों को अपने हाथों से भोजन परोसा और सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थाल सेवा केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सच्ची जनसेवा और सामाजिक समर्पण की मिसाल है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी स्थित **सुशीला तिवारी अस्पताल** में प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। उनके साथ आने वाले तीमारदारों के लिए भोजन की व्यवस्था अक्सर चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में थाल सेवा जैसी पहल उन्हें बड़ी राहत प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सेवा संबल का कार्य कर रही है। इससे न केवल उनकी मूलभूत आवश्यकता पूरी होती है, बल्कि उन्हें मानसिक संतोष और सहारा भी मिलता है।
मुख्यमंत्री धामी ने थाल सेवा से जुड़े स्वयंसेवकों के समर्पण और निस्वार्थ भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन ऐसे ही प्रयासों से संभव है। इस प्रकार की सामाजिक पहलें सहयोग, संवेदना और परस्पर विश्वास की भावना को मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र तभी साकार होता है, जब समाज का हर वर्ग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए। मुख्यमंत्री की इस सहभागिता से कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला और सेवा कार्य से जुड़े लोगों का मनोबल भी बढ़ा।
थाल सेवा कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सेवा ही सर्वोच्च धर्म है और सामूहिक प्रयासों से ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।