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विधवा को बैंक कर रहा था परेशान, जिला प्रशासन ने 2 लाख की वसूली कर दिलाया न्याय

देहरादून। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन महिला, बुजुर्ग और असहाय नागरिकों के शोषण के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें बीमित होम लोन की राशि बैंक को मिल जाने के बावजूद एक विधवा महिला को वसूली के नाम पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। जिलाधिकारी सविन बसंल के हस्तक्षेप के बाद न केवल मामले की जांच कराई गई, बल्कि शेष 2 लाख रुपये की वसूली भी बैंक से कराकर पीड़िता को न्याय दिलाया गया।

नवाबगढ़ निवासी विधवा ज्योति ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए बताया कि उनके पति दान सिंह ने वर्ष 2021 में आईआईएफएल बैंक से होम लोन लिया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अगस्त 2023 में पति की अचानक हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई। जीवनकाल में उन्होंने 2,71,278 रुपये की किश्तें जमा की थीं, जबकि मृत्यु के बाद ज्योति ने भी 39,470 रुपये अतिरिक्त जमा किए।

शिकायत के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी बजाज फाइनेंस द्वारा बैंक को 14,61,375 रुपये की बीमित राशि का भुगतान कर दिया गया था। इसके बावजूद बैंक ने न तो भूमि के मूल दस्तावेज लौटाए और न ही लोन खाता बंद किया। उल्टा वसूली एजेंटों द्वारा विधवा और उनकी दो मासूम बेटियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने राजस्व वसूली की तर्ज पर कार्रवाई करते हुए बैंक से शेष 2 लाख रुपये की देयता का निस्तारण कराया।

साथ ही बैंक को तुरंत नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी कर भूमि के मूल दस्तावेज महिला को सौंपने के निर्देश दिए गए। आदेशों की अवहेलना पर शाखा सील करने, संपत्ति कुर्की और अन्य विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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