रानीखेत। आगामी फायर सीजन को ध्यान में रखते हुए **राष्ट्रीय आपदा मोचन बल** (एनडीआरएफ) की टीम ने वन प्रभाग अल्मोड़ा के रानीखेत रेंज अंतर्गत क्रू स्टेशन ताड़ीखेत में वन कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य संभावित वनाग्नि की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को मजबूत करना रहा।
रविवार को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनडीआरएफ टीम ने वन कर्मियों को अग्निशमन उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उपकरणों के सही उपयोग, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने के तरीकों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसमें संभावित वनाग्नि की स्थिति को दर्शाते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी फायर सीजन से पहले फायर वॉचर और वन विभाग के कर्मचारियों की कार्य क्षमता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान वनाग्नि की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में पूर्व तैयारी बेहद आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल जोखिम को कम किया जा सकता है, बल्कि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि विभाग समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि फील्ड स्टाफ आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के उपयोग में दक्ष हो सके। प्रशिक्षण में फायर वॉचर, वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे।