देहरादून। होली के पावन पर्व को लेकर राजधानी देहरादून के बाजारों में इस बार ‘वोकल फॉर लोकल’ की खास धूम देखने को मिल रही है। विकासखंड सहसपुर और रायपुर की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने करीब 2.5 कुंतल हर्बल एवं प्राकृतिक रंग तैयार कर बाजार में उतारे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल है।
इन रंगों को टेसू और गुलाब के फूल, हल्दी, चंदन, पालक के पत्ते, चुकंदर और मेहंदी जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाया गया है। महिलाओं का कहना है कि ये रंग पूरी तरह त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हैं। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों को देखते हुए लोग अब प्राकृतिक रंगों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
सहसपुर ब्लॉक के आस्था क्लस्टर और रायपुर ब्लॉक के नई दिशा व दिव्य ज्योति क्लस्टर से जुड़ी लगभग 30 महिलाओं ने मिलकर इन रंगों का निर्माण किया है। महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वित्तीय सहयोग मिला, जिससे कच्चे माल की खरीद, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित हो सकी।
महिलाओं को प्रति किलोग्राम 100 से 120 रुपये तक का लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। समूह सदस्य मीना ने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रति आभार जताया और कहा कि आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समूहों द्वारा तैयार हर्बल रंग आउटलेट्स पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर विकासखंड की महिलाएं इस बार उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
इस पहल ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है।
