रानीखेत।पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों और आगजनी की संभावित घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में **फायर स्टेशन रानीखेत और तहसील सल्ट की संयुक्त टीम** ने मरचूला क्षेत्र में स्थित होटल, रिजॉर्ट और रेस्टोरेंटों का **फायर रिस्क निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट** किया। निरीक्षण के दौरान संस्थान संचालकों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और आग से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
यह अभियान **जिलाधिकारी अल्मोड़ा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक** के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है, जिसके तहत जनपद के संवेदनशील और पर्यटक क्षेत्रों में फायर रिस्क का आकलन किया जा रहा है। बुधवार को प्रभारी अग्निशमन अधिकारी **गणेश चंद्र** के नेतृत्व में फायर स्टेशन रानीखेत और राजस्व विभाग सल्ट की संयुक्त टीम ने मरचूला क्षेत्र के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने होटल और रिसॉर्ट परिसरों में उपलब्ध **अग्निशमन यंत्रों, फायर एक्सटिंग्विशर, पानी की व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्गों** की कार्यक्षमता को बारीकी से परखा। कई स्थानों पर कर्मचारियों को **प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग, उनके रख-रखाव और समय-समय पर जांच** के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही आग लगने की स्थिति में अतिथियों और कर्मचारियों की सुरक्षित निकासी को लेकर आवश्यक सावधानियां भी समझाई गईं।
फायर विभाग की टीम ने सभी होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट संचालकों को **अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन करने** और किसी भी आपात स्थिति के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा में लापरवाही गंभीर हादसों को जन्म दे सकती है, इसलिए नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
निरीक्षण दल में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी गणेश चंद्र के साथ **एलएफएम संदीप सिंह, चालक दयाधर ध्यानी** तथा राजस्व विभाग सल्ट के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। प्रशासन ने आगे भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रखने की बात कही है।