कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए देश में ‘सख्त लॉकडाउन’ जरूरी

नई दिल्ली: कोविड-19 टास्क फोर्स के सदस्यों ने केंद्र सरकार से कहा कि देश में अब सख्त लॉकडाउन लगाए जाने की जरूरत है। टास्क फोर्स के सदस्यों ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।

संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या में भी दिनों दिन उछाल देखा जा रहा है। इन सब पर नियंत्रण पाने के लिए यह जरूरी है कि देश में सख्त लॉकडाउन की घोषणा की जाए।कोविड-19 टास्क फोर्स में प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों जैसे-एम्स और आईसीएमआर के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। टास्क फोर्स के एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा से बेहतर है कि पूरे देश में लॉकडाउन लगाया जाए।एक्सपर्ट्स ने कहा कि वायरस के ह्यूमन-टू-ह्यूमन स्प्रेड को रोकने के लिए यह जरूरी है कि बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाया जाए।

हालांकि उसके लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाया जाना जरूरी है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर दो हफ्ते के लिए भी कोरोना संक्रमंण के प्रसार को रोक दिया गया तो केसलोड को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ मृत्यु दर में गिरावट आएगी, बल्कि कोरोना ट्रांसमिशन का चक्र भी रुक जाएगा।

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जिस तरह से रोजाना कोरोना संक्रमण के नए केस सामने आ रहे हैं। उससे स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक भार उत्पन्न हो रहा है, इसलिए संक्रमण की इस चेन को तोड़ने के लिए इसपर आक्रामक तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि लोग वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने के बाद से निश्चिंत हो गए और उन्होंने कोरोना प्रोटकॉल का पालन करना बंद कर दिया, जिसकी वजह से कोरोना संक्रमण का प्रसार और तेजी से शुरू हो गया।

देश में अप्रैल के दौरान कोविड-19 के 66 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए, जो कि पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद से संक्रमण के मामलों को लेकर सबसे खराब महीना साबित हुआ है। अप्रैल महीने में दर्ज किए गए नए मामले पिछले छह महीनों में सामने आए मामलों से अधिक रहे, जो संक्रमण की दूसरी लहर की गंभीरता को दर्शाता है।

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